PoK में पाकिस्तान-चीन के सैनिकों ने लगाई संयुक्त गश्त, भारत को उकसाने की कवायद

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Updated on 22 Jul, 2016 at 1:34 pm

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पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान और चीनी सैनिकों द्वारा संयुक्त गश्त लगाए जाने की खबर मिली है।

यह गश्त पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर से लगने वाली चीन के शिनजियांग प्रान्त की सीमा पर लगाई जा रही है। सैनिकों की इस कार्रवाई की तस्वीरें पीपुल्स डेली में प्रकाशित हुई हैं।

चीन या पाकिस्तान ने इस संबंध में अभी अाधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है, लेकिन माना जा रहा है कि करीब 100 से अधिक उइगर मुस्लिमों के आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के लिए गायब होने की खबरों के बाद इस तरह की गतिविधि शुरू की गई है।

इस इलाके में इससे पहले चीनी फौज के जवान गश्त किया करते थे। यह पहली बार है जब पाकिस्तान और चीन ने संयुक्त रूप से यहां गश्ती की है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामिक स्टेट में करीब 114 उइगर मुसलमान शामिल हुए हैं। अमेरिकी संस्था न्यू अमेरिका फाउंडेशन ने बुधवार को कहा था कि चीन में धर्म संबंधी प्रतिबंधों के विरोध में मुस्लिम आतंकी संगठनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

इससे पहले राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चीनी मुसलमानों को चेतावनी जारी करते हुए कहा था वे अपने धर्म का उसी तरह निर्वाह करें जैसे कि बाकी चीनी समाज करता है।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में चीन में उइगर मुसलमानों पर तमाम तरह के प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। रमजान के महीने में यहां रोजा रखने पर प्रतिंब लगा दिया गया है, वहीं मुसलमानों से कहा गया है कि वे दाढ़ी न बढ़ाएं।

इससे पहले 19 जुलाई को पाकिस्तान ने हिजबुल आतंकवादी बुरहान वानी के मौत के खिलाफ ब्लैड डे मनाने की घोषणा की थी। पाकिस्तान ने वानी को शहीद करार दिया है।

वहीं, भारत ने कश्मीर पर जबरन कब्जा करने के लिए पाकिस्तान का विरोध किया है। भारत ने चेतावनी देकर स्पष्ट कर दिया है कि जिस आग को पाकिस्तान भड़काने की कोशिश कर रहा है, उससे उसका दामन भी खाक हो सकता है। भारत ने स्पष्ट किया है कि अब पाकिस्तान को उसी अंदाज में जवाब दिया जाएगा।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने गुरुवार को कहा थाः

“भारत ने यह देखा है कि किस तरह से संयुक्त राष्ट्र की तरफ से घोषित आतंकी जिसने पूर्व में ओसामा बिन लादेन और तालिबान लीडर अख्तर मंसूर की मौत पर भी जुलूस की अगुआई की थी, ने एक बार फिर पाकिस्तान में कश्मीर पर कार्यक्रम का आयोजन किया है।”


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