2 हजार टन वजनी मंदिर को खिसकाकर दूसरे स्थान पर ले गए चीनी इन्जीनियर्स

Updated on 25 Sep, 2017 at 6:03 pm

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आपने मूर्तियों को स्थानांतरित होते हुए तो कई बार देखा होगा, लेकिन पूरा का पूरा मंदिर की खिसका दिया जाए, यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है। चीन के शंघाई में कुछ ऐसा ही हुआ है। यहां 135 साल पुराने बौद्ध मंदिर को स्थानांतरित किया गया है। मंदिर के मेन हॉल में दर्शनार्थियों की भीड़ को देखते हुए उसे उत्तर की ओर 30.66 मीटर तक खिसका दिया गया है। इस अभियान में नई तकनीक का सहारा लिया गया।

यह बौद्ध मंदिर 135 साल पुराना है।

Shanghai

चीन के इस मंदिर को खिसकाने का काम 2 सितंबर को शुरू हुआ था। इसे देखने के लिए शंघाई के अलग-लग हिस्सों से बौद्ध भिक्षु आए थे। शंघाई की पहचान बन चुका जेड बौद्ध मंदिर का महावीर हॉल 1882 में बना था। 2000 टन का यह मंदिर पहले वहीं स्थित एक दूसरे बड़े हॉल से महज़ 15 मीटर की दूरी पर था, जिससे पर्यटकों को परेशानी होती थी।

इस कुछ तरह से खिसकाया गया।

Temple in Shanghai



इस मंदिर में हर साल दो लाख से ज्यादा सैलानी आते हैं। मंदिर को खिसकाने के पीछे वजह बताई जाती है कि पुराने भवन की नींव बहुत कमजोर हो गई थी। इसलिए मज़दूरों ने हॉल की नींव को सीमेंट से मजबूत बनाया. साथ ही खिसकाते समय मूर्तियों और अन्य अवशेषों को टूटने से बचाने के लिए उन्हें फ्रेम किया गया था।

Jade Buddha temple

फिलहाल इस मंदिर को खिसका दिया गया है। हालांकि, यह आम लोगों के लिए इस साल के अंत से खुलेगा। चीन के इन्जीनियर्स इस मंदिर पर अगले कुछ सालों तक नजर रखेंगे। इस बात पर नजर रखी जाएगी कि यह प्रयोग सफल हुआ है या नहीं।


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