मैन्युफैक्चरिंग में भारत के बढ़ते दबदबे से सटपटाया चीन, कहा- भारी पड़ सकती है भारत की कामयाबी

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Updated on 3 Mar, 2017 at 6:37 pm

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मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में भारत की बढती धाक से चीन सटपटा गया है। भारत ने इस साल के जनवरी के महीने में ही चीन को किए जाने वाले निर्यात में 42 फीसद की बढ़ोत्तरी दर्ज की है।

चीन के समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में चीन को चेताते हुए कहा है कि चीन को अपने पड़ोसी देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

भारत के वाणिज्यक मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, साल-दर-साल की तुलना में भारत के चीन को कपास निर्यात में 52 फिसद, अकार्बनिक रसायनों में 810 प्रतिशत और लोहा और इस्पात में करीबन 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

हालांकि, चीन के इस समाचार पत्र ने अपनी रिपोर्ट में यह कहा है कि दोनों देशों के व्याापार में अभी भी चीन की बड़ी हिस्सेदारी है। दोनों देशों के बीच जनवरी में 6.83 बिलियन डॉलर का कारोबार रहा, जिसमें भारत के निर्यात का हिस्सा 1.34 बिलियन डॉलर है।


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समाचार पत्र ने आगे चीन को इस मसले पर विश्लेषण करने के लिए चेताया है। अखबार लिखता हैः

“भारत में निर्माण क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पिर्धा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। साल 2016 की तीसरी तिमाही में भारत का निर्माण क्षेत्र 8.3 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है और यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है।”

मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत के बढ़ते दबदबे पर अखबार ने कहा है कि चीन को भारत की निर्माण प्रतिस्पर्धा पर ध्यान देना चाहिए। माना कि भारत अभी विकास के शुरूआती दौर पर है, लेकिन भारत में इतना सामर्थ्य है कि वह निर्माण क्षेत्र में कई बुलंदियां हासिल कर सकता है।

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