रायन इंटरनेशनल स्कूल में बच्चे की हत्या, महंगे स्कूल में महफूज क्यों नहीं हैं मासूम?

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Updated on 9 Sep, 2017 at 1:12 pm

गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले सात साल के बच्चे की हत्या कर दी गई। बच्चे का शवन स्कूल के बाथरूम से मिला। इस मामले में बस के कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार किया गया है, जिसने बच्चे की हत्या की बात कबूल कर ली है। अशोक कुमार के कबूलनामे के मुताबिक, उसने बच्चे के सेक्सुअल असॉल्ट की कोशिश की थी। बच्चे ने शोर मचाया तो उसकी हत्या कर दी गई। सात साल की उम्र का प्रद्युम्न दूसरी कक्षा में पढ़ता था।

इस पूरे मामले पर परिवार और अन्य अभिभावकों का विरोध प्रदर्शन जारी है। लोगों ने रयान इंटरनेशनल स्कूल के बाहर प्रोटेस्ट किया।

क्या कह रही है पुलिस।

सुबह करीब आठ बजे बच्चों को बस से उतारने के बाद कंडक्टर अशोक स्कूल के टॉयलेट में गया था, जहां इसने मासूम प्रद्युम्न को देखा।अशोक ने प्रद्युम्न के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की, लेकिन प्रद्युम्न ने शोर मचा दिया। पकड़े जाने के डर से अशोक ने चाकू से बच्चे का कत्ल कर दिया। स्कूल की लापरवाही की जांच चल रही है।

सरकारी स्कूलों में अव्यवस्था और खराब शैक्षणिक स्थिति की वजह से अभिभावक अपने बच्चों को बड़े स्कूलों में भेजते हैं, ताकि बच्चों को बेहतर माहौल मिल सके।

इस घटना से यह साफ है कि बच्चे महिमामंडित स्कूलों में भी सुरक्षित नहीं हैं।

रायन इंटरनेशनल की घटना ने स्कूल की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए हैं।

  • बस कंडक्टर बच्चों के टॉयलेट में कैसे गया?
    कंडक्टर के पास चाकू कहां से आया?
    क्या कंडक्टर पहले से ही हत्या का प्लान बनाकर आया था?
    टॉयलेट के बाहर सफाई कर्मचारी क्यों नहीं था?

स्कूल प्रशासन ने बच्चों से साफ करवाए खून के धब्बे।

“अभिभावकों का आरोप है कि प्रद्युम्न की हत्या के बाद बाथरूम में खून के धब्बे बच्चों से साफ कराए गए थे। इस बीच, शनिवार की सुबह मृतक छात्र प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे और न्याय दिलाने की अपील की।”

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