सातवीं में पढ़ने वाला ये 11 साल का लड़का B.Tech और M.Tech की कोचिंग देता है

Updated on 2 Nov, 2018 at 11:33 pm

Advertisement

भारत में हुनरबाजों की कोई कमी नही हैं। आए दिन ऐसी कई खबरें सुनने को मिलती है जिसपर हम विश्वास करने से पहले कई बार सोचते हैं क्या वाकई में ऐसा हो सकता है ? आज के दौर में जहां एक ओर बच्चों पर पढ़ाई का बोझ बढ़ता जा रहा है तो वहीं एक 11 साल का ऐसा छात्र भी है जो अपनी पढ़ाई करने के साथ-साथ अपने से दोगुने उम्र के स्टूडेंट्स को इंजीनियरिंग की कोचिंग दे रहा है। जाहिर है आपके मन में भी ये सवाल गोते लगा रहा होगा भला इतना छोटा बच्चा कॉलेज के बच्चों को पढ़ाई में मदद कैसे कर सकता है।

 

हैदाराबाद का रहने वाला मोहम्मद हसन अली जो महज 11 साल का है सातवीं क्लास में पढ़ता है, लेकिन इतनी कम उम्र में भी वो खुद से कहीं ज्यादा बड़े इंजीनियरिंग छात्रों को बीटेक और एमटेक की ट्यूशन्स देता है। मोहम्मद 30 सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्रों को डिज़ाइन और ड्राफ्टिंग की कोचिंग दे रहा है। खास बात ये है ये बच्चा अपने स्टूडेंटस से कोई भी फ़ीस नहीं लेता।


Advertisement

 

उसका लक्ष्य है 2020 तक लगभग एक हजार इंजीनियरिंग के बच्चों को पढ़ाए, जिससे वो देश का नाम रोशन कर सके। आप भी सोच रहे होंगे आखिर इतनी कम उम्र में ये बच्चा इतना जीनियस कैसे बन गया। साथ ही मन में एक सवाल ये भी उठ रहा होगा ये जीनियस बच्चा अपनी पढ़ाई कब करता है। इसको लेकर इंटरव्यू के दौरान मोहम्मद ने बताया-

 

”मैं सुबह 6 बजे स्कूल जाता हूं और 3 बजे तक घर वापिस आ जाता हूं। उसके बाद मेरे पास खेलने-कुदने और अपना होमवर्क करने के लिए काफ़ी समय होता है। फिर 6 बजे मैं कोचिंग सेंटर में बच्चों को पढ़ाने के लिए चला जाता हूं। इस सब से मेरी खूद की पढ़ाई पर कोई असर नही पड़ता है।”

 



 

साथ ही मोहम्मद ने बताया वो इंजीनियरिंग के छात्रों को पढ़ाने के लिए इंटरनेट का भी भरपूर इस्तेमाल करता है। मोहम्मद को बच्चों को पढ़ाने की प्रेरणा एक वीडियों से ही मिली थी।

 

कुछ समय पहले उसने एक वीडियों मे देखा था भारतीय छात्रों को विदेशों में जॉब न मिलने के चलते कई छात्रों का जीवन खराब हो रहा है, ये देख उसे काफ़ी बुरा लगा था। धीरे-धीरे उसने इंटरनेट की सहायता से डिज़ाइनिंग सीखना शुरू कर दिया जिसमें उसकी रुचि थी। तब से मोहम्मद इंजीनियरिंग के छात्रों को पढ़ा रहा है।

 

 

इस बच्चे के पास ट्यूशन लेने वाले छात्रों का कहना है वो लगभग दो महीने से यहां कोचिंग ले रहे है। मोहम्मद से कोचिंग लेने वाले छात्रों की माने तो उसका पढ़ाने का तरीका बाकी ट्रीचर्स से अलग है। स्टूडेंट्स का कहना है वो सरल भाषा और आसान तरीके से पढ़ाता है जिससे उन्हें समझने में आसानी होती है।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement