भारतीय एजेन्सियों ने मुझे दिया था फर्जी पासपोर्ट, छोटा राजन का दावा

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Updated on 8 Sep, 2016 at 12:08 pm

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अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन ने दावा किया है कि उसे भारतीय एजेन्सियों ने ही फर्जी पासपोर्ट मुहैया करवा रखा था, जिसके सहारे वह ऑस्ट्रेलिया में एक दशक से अधिक समय तक रह सका था। राजन के मुताबिक, उसने कभी पासपोर्ट का गलत इस्तेमाल नहीं किया।

मंगलवार को सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेशी के दौरान राजन ने दावा किया कि वह देश की मदद कर रहा था और उस पर जालजाजी के झूठे आरोप लगाए गए हैं। राजन को पिछले साल इन्डोशिया के बाली से गिरफ्तार किया गया था। उसे नवंबर महीने में भारत लाया गया।

राजन ने खुद को एक सच्चा देशभक्त करार दिया, जो पिछले 25 सालों से आतंकवाद से लड़ रहा था।

फिलहाल छोटा राजन दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। राजन को कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। यही वजह है कि उसका ट्रायल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चल रहा है।

छोटा राजन ने कोर्ट को बताया कि मुंबई हमले अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम ने करवाए थे।


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छोटा राजन ने बतायाः

“मैंने दाऊद और आतंकवाद से लड़ने के लिए जितना संभव हो सकता था भारतीय एजेंसियों की मदद की। मैं अपने रिकोर्ड में अधिकारियों का नाम नहीं ले सकता क्योंकि इससे मेरे देश की छवि खराब हो सकती है।”

सीबीआई ने भी कोर्ट में तीन अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि छोटा राजन को मोहन कुमार के नाम से पासपोर्ट जारी करके कानून का उल्लंघन किया।

गौरतलब है कि छोटा राजन वर्ष 1995 से इंटरपोल के वांछितों की सूची में है। उस पर फिरौती, हत्या, हथियारों की तस्करी जैसे आरोप हैं। 55 वर्षीय राजन पर हत्या, जबरन वसूली, ड्रग्स की तस्करी जैसे 70 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।

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