मौत को हरा कर खड़े हो गए हैं चेतन चीता, आतंकियों से मुठभेड़ में लगी थीं 9 गोलियां

author image
Updated on 5 Apr, 2017 at 10:47 am

Advertisement

CRPF कमांडेंट चेतन चीता मौत को हरा कर खड़े हो गए हैं। वह जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें 9 गोलियां लगी थीं। वह दो महीने तक कोमा में थे और अब आखिरकार होश में आ गए हैं।

माना जा रहा है कि उन्हें आज AIIMS ट्रॉमा सेंटर अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।

बांदीपुरा में मुठभेड़ में बुरी तरह घायल चेतन चीता को जब AIIMS ट्रॉमा सेंटर लाया गया था, उस वक्त उनके शरीर पर गंभीर चोटें थीं। उन्हें 9 गोलियां लगीं थीं। सिर पर गंभीर चोटें थीं और दाईं आंख गोली लगने की वजह से क्षतिग्रस्त हो गई थी।

मुठभेड़ की यह घटना पिछले 14 फरवरी को हुई थी। इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद सेना ने सर्च अभियान चलाया था। इस अभियान का नेतृत्व कर रहे चीता जब आतंकियों को धर दबोचने के लिए आगे बड़े तो आतंकियों ने उन पर हमला कर दिया।



इस गोलीबारी में उन्हें 9 गोलियां लगी। चीता ने घायल होने के बावजूद लश्कर के खूंखार आतंकी अबू हारिस को मौत के घाट उतार दिया। इस मुठभेड़ में चार जवान शहीद हुए थे और कमांडिंग ऑफिसर चेतन कुमार चीता बुरी तरह घायल हो गए थे।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement