एक महीने बाद मौत के मुंह से बाहर आया यह जांबाज ‘चीता’, शरीर पर झेली थी 9 गोलियां

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Updated on 20 Mar, 2017 at 3:37 pm

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कश्मीर में लश्कर के आतंकियों को ढ़ेर करने वाले सीआरपीएफ की 45वीं बटालियन के कमांडेंट चेतन कुमार चीता की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। अब वह आईसीयू से बाहर आ चुके हैं।

पूरे एक महीने बाद होश में आने वाले चेतन चीता को एम्स ट्रॉमा सेंटर के वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। उनकी हालत अभी स्थिर बताई जा रही है।

चेतन चीता का इलाज कर रहे डॉक्टर ने बताया है कि अब वह खुद से सांस ले पा रहे हैं। अभी फिलहाल कोई खतरे की बात नहीं है। चीता से कुछ पूछे जाने पर वह प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं।

आपको बता  दें कि 14 फरवरी को बांदीपुरा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में चीता बुरी तरह से घायल हो गए थे। इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद सेना ने सर्च अभियान चलाया था। इस अभियान का नेतृत्व कर रहे चीता जब आतंकियों को धर दबोचने के लिए आगे बड़े तो आतंकियों ने उनपर कई राउंड फायरिंग करना शुरू कर दिया।

इस गोलीबारी में उन्हें 9 गोलियां लगी। चीता ने घायल होने के बावजूद लश्कर के खूंखार आतंकी अबू हारिस को मौत के घाट उतार दिया। इस मुठभेड़ में चार जवान शहीद हुए थे और कमांडिंग ऑफिसर चेतन कुमार चीता बुरी तरह घायल हो गए थे।


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