सुकमा में शहीद के परिवार को बिहार सरकार का दिया चेक हुआ बाउंस

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Updated on 10 May, 2017 at 6:10 pm

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सुकमा में शहीद हुए जवान रंजीत कुमार के परिजनों को बिहार सरकार ने मुआवजे के रूप में 5 लाख रुपए का एक चेक प्रदान किया था, जो खाते में उपयुक्त राशि न होने की वजह से बाउंस हो गया है। हालांकि, मीडिया में इस खबर के वायरल होने के बाद शहीद के पिता के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से राशि ट्रांसफर कर दी गई।

शहीद रंजीत कुमार बिहार के शेखपुरा के रहने वाले थे। सुकमा में माओवादी हमले में वह शहीद हो गए थे। उनकी पत्नी सुनीता देवी को बिहार सरकार की तरफ से एचडीएफसी बैंक का पांच लाख का चेक भी दिया गया था।

इस रिपोर्ट में शहीद की पत्नी के हवाले से बताया गया हैः


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“इस चेक को उनके परिजनों ने जमुई के अलीगंज स्थित एसबीआई शाखा के अपने खाते में डाल दिया, लेकिन करीब एक सप्ताह बाद वहां के बैंककर्मियों ने चेक बाउंस होने की सूचना दी। शहीद के परिवार वालों के मुताबिक बैंक कर्मियों ने उन्हें बताया कि एचडीएफसी के चेक में अंकित जिलाधिकारी दिनेश कुमार का हस्ताक्षर नहीं मिलने के कारण चेक बाउंस किया गया।”

इस घटना के बाद शहीद के परिजनों को बैंकों के चक्कर लगाने पड़े। बुधवार को जब चेक बाउंस होने का मामला सामने आया, तब अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है।

इससे पहले छत्तीसगढ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में शहीद अभय के परिजनों ने बिहार सरकार द्वारा दिए गए मुआवजे की राशि लेने से इन्कार कर दिया था। परिजनों मुआवजा राशि पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि किसी दुर्घटना या फिर अवैध शराब पीकर मरने वालों को सरकार 4 लाख रुपए देती है। अभय तो देश के लिए शहीद हुआ है ऐसे में उनके परिजनों को मात्र 5 लाख रुपए ही क्यों?

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