चंद्रयान-1 ने चांद पर पानी के बाद अब बर्फ भी खोज निकाली, NASA ने जारी की तस्वीरें

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Updated on 24 Aug, 2018 at 9:33 am

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भारत द्वारा करीब दस वर्ष पूर्व छोड़े गए चंद्रयान ने चांद को लेकर जो जानकारी दी है, उससे अंतरिक्ष में भारत की साख और मजबूत हुई है। करीब 10 साल पहले भारत के भेजे गए चन्द्रयान-1 ने चांद पर पानी होने की बात कही थी, जिस पर अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मुहर लगा दी है और कहा है कि चांद ध्रुवों में बर्फ मौजूद है। यह बर्फ चंद्रमा की सतह पर गड्ढों में पाई गई है।

 

 

वैज्ञानिकों की मानें तो इसकी डार्क साइट या यूं कहें कि चांद के पोलर रीजन की तरफ चंद्रयान ने बर्फ होने की पुष्टि की है। आपको बता दें कि दस साल पहले ही इसरो के इस चंद्रयान-1 ने ही चांद पर पानी होने की भी जानकारी दी थी।

 

यान से मिली जानकारी के मुताबिक चांद की सतह पर कुछ मिलीमीटर और पानी भी मौजूद हो सकता है। यान से मिली यह जानकारी भविष्‍य में चांद पर भेजे जाने वाले मिशन में अहम भूमिका निभा सकती है।

 

चंद्रयान-1 में नासा का एक उपकरण मून मिनरलॉजी मैपर इंस्‍ट्रूमेंट (एम 3) भी लगा था और इससे मिली जानकारियों के विश्लेषण के आधार पर नासा ने बर्फ होने का दावा किया है। नासा ने चंद्रयान से मिली जानकारी का विश्लेषण कर यह निष्कर्ष जारी किया है।

 


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आज हमारे पास चांद की ऐसी तस्वीर है जिसमें बर्फ की मौजूदगी, साफ देखी जा सकती है। ये तस्वीरें अमरीकी अंतरिक्ष ऐजेंसी NASA ने जारी की हैं। ये चांद की सतह के सबसे ठंडे इलाके की तस्वीर हैं। चांद के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ पाई गई है। ये तस्वीरें भारत के चंद्रयान पर फिट किए गये NASA के एक यंत्र के ज़रिए ली गई थीं। इसलिए इन तस्वीरों को दुनिया के सामने लाने में, भारत का बहुत बड़ा योगदान है।

 

 

चांद की सतह पर बर्फ़ मिलना एक अच्छा संकेत है। बर्फ की तस्वीर आने के बाद, चांद पर जीवन होने के संभावना बढ़ गई हैं। NASA के वैज्ञानिक इस बर्फ से जरिए भविष्य में चांद पर जीवन होने की संभावना तलाश रहे हैं।

इस खबर को सुनने के बाद आपके मन में ये उम्मीद जाग रही होगी कि इंसान का अगला ठिकाना चांद पर हो सकता है लेकिन अभी इसमें लंबा वक्त लगेगा।

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