दूसरों के घरों में काम कर मां ने की बच्चे की परवरिश, अब जर्मनी में फुटबॉल की ट्रेनिंग लेगा बेटा

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Updated on 23 Aug, 2016 at 4:08 pm

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रख हौसला बुलंद के तू भी दुनिया का सरताज़ होगा

भाग्य को मत दे दोष

कर्म से हर दर्द का इलाज़ होगा…।

बुलंद हौसलों वालों की कभी हार नहीं होती है। हम यहां बात कर रहे हैं ओडिशा के रहने वाले 11 वर्षीया चंदन नायक की, जिनकी प्रतिभा को परख उन्हें अकादमी खिलाड़ी के रूप में बेयर्न म्यूनिख(जर्मनी) में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए चयनित किया गया है।

चंदन नायक क़ो जाने-माने क्लब बेयर्न म्यूनिक में दो महीने के लिए यहां फुटबॉल सीखने, इसकी बारीकियों को जानने का अवसर मिलेगा। वाकई ये चंदन और उसके परिवार के लिए बहुत बड़ी बात है।

चंदन के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। कम उम्र में उसके पिता साथ छोड़कर चले गए थे। मां लोगों के यहां काम करके परिवार का गुजारा करती है।

अपने बच्चों को अच्छी परवरिश देने के लिए चंदन की मां ने कई त्याग किए हैं। उन्होंने अपनी गरीबी को बेटे के सपनों के आड़े आने नहीं दिया।

चंदन के कोच जयदेव महापात्रा बताते हैंः


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“लड़के ने बेहतरीन खेल दिखाया है। हमने बहुत ही कम उम्र में उसे तलाश कर लिया है। वो बीते तीन-चार साल से हमसे ट्रेनिंग ले रहा है। पिछले एक साल में हमने चंदन को ऐसी ट्रेनिंग दी है जो आमतौर पर इंटरनेशनल क्लब्स में देखने को मिलती है। जब उसका चयन उड़ीसा में हुआ, तब वो बहुत कमउम्र था।”

वहीं खुद चंदन विदेश की इस जानी-मानी अकादमी में ट्रेनिग लेने को लेकर खुश और उत्साहित हो कहते हैंः

“मैे काफी खुश हूं। मैं एक दिन भारतीय टीम के लिए खेलना चाहता हूं। मैं इसके लिए अपने कोच का धन्यवाद देता हूं।”

बेहद गरीब परिवार से आया एक बच्चा अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़ता है, उसके लिए और उसके परिवार के लिए यह वाकई ख़ास क्षण है।

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