“दिल्ली में कब्रिस्तान बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन जिन्दा लोगों के लिए जगह नहीं”

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Updated on 5 Jul, 2017 at 12:07 pm

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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि राजधानी दिल्ली में कब्रिस्तान बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन जिन्दा लोगों के लिए जगह की कमी हो रही है। दिल्ली हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर की बेंच ने अमीर खुसरो पार्क में अवैध निर्माण संबंधी अर्जियों पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है।


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दो न्यायाधीशों की बेन्च ने कहा कि आबादी बढ़ने के साथ ही मृत्युदर भी बढ़ रही है, लेकिन जमीन उतनी ही है। ऐसे में अगर कब्रिस्तान का विस्तार होगा तो लोगों के रहने लिए जगह नहीं बचेगी। केवलमात्र कब्रों के लिए ही जगह बचेगी।

हाईकोर्ट ने अधिकारियों से अन्य देशों में दफनाने के तरीकों के बारे में पता करने के लिए कहा है।

अपनी टिप्पणी में बेन्च ने हिन्दु समुदाय का हवाला देते हुए कहा कि जब पेड़ कम पड़ रहे हैं तब हिन्दुओं ने विद्युत शवदाह गृह का उपयोग शुरू किया है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि ऐसे में मुसलमानों के लिए क्या विकल्प है?

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