चंद्रमा पर मिली 50 किलोमीटर लंबी गुफा, यहां आराम से रह सकते हैं अंतरिक्षयात्री

Updated on 20 Oct, 2017 at 9:27 pm

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चन्द्रमा पर जापानी वैज्ञानिकों ने एक बहुत ही उपयोगी गुफा को खोज निकाला है।

चंद्रमा मानव सभ्यता के शुरुआत से ही मनुष्य को आकर्षित करता रहा है। आज भी वैज्ञानिक ख़ूबसूरती के पर्याय इस उपग्रह को लेकर शोध कर रहे हैं। इस पर जीवन की संभावनाओं का पता लगाने को रिसर्च होते रहे हैं। ताजा मामले में जापानी वैज्ञानिकों को वहां एक गुफा मिली है, जो अंतरिक्ष यात्रियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन सकता है।

वैज्ञानिकों ने जानकारी देते हुए कहा कि यह गुफा खतरनाक विकिरण और तापमान में अप्रत्याशित परिवर्तन से अंतरिक्ष यात्रियों की रक्षा करने में सक्षम है। जापान के एईएईएनई लूनर आर्बिटर से मिले आंकड़े कहते हैं कि यह गुफा लगभग 3.5 अरब साल पहले भूगर्भ के अंदर हुई हलचल के कारण वजूद में आया होगा। चन्द्रमा पर मिला गुफा आकार में 50 किलोमीटर लंबा और 100 मीटर चौड़ा है।

गौरतलब है कि जापानी वैज्ञानिकों के शोध परिणाम को अमेरिकी पत्रिका जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित किए गए हैं। ऐसा अनुमान है कि यह गुफा धरती के अन्दर से निकले लावे की वजह से तैयार हुई होगी। शोध रिपोर्ट के अनुसार जमीन के अंदर मौजूद ये गुफा चंद्रमा के मारियस हिल्स नामक जगह के पास मिला है।



जापानी वैज्ञानिक जुनिची हारुयामा ने कहाः

“इस गुफा के बारे में अभी तक जानकारी नहीं थी। ऐसा मानना है कि ये लावा ट्यूब है, अब जाकर इसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। इस गुफा में रह कर अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर रहते हुए विकिरण और तापमान में होने वाले तेज बदलावों के दुष्प्रभाव से खुद को बचा सकते हैं।”

ज्ञात हो कि जापान इसी साल जून में साल 2030 तक चंद्रमा पर अंतरिक्ष मिशन भेजने की घोषणा कर चुका है। साथ ही चीन और भारत भी चंद्रमा के अपने मिशन को आगे बढ़ाते हुए अंतरिक्ष यात्रियों को भेज सकते हैं।

Inverse


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ये तो पता ही होगा कि चंद्रमा पर सबसे पहले 20 जुलाई 1969 को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के दो अंतरिक्षयात्री नील आर्मस्ट्रांग और बज़ एल्ड्रीन ने अंतरिक्ष विमान अपोलो 11 में सवार होकर चांद पर कदम रखे थे।

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