साल 2020 तक बेकार हो जाएंगे डेबिट/क्रेडिट कार्ड, ATM और POS मशीनें!

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Updated on 8 Jan, 2017 at 12:42 pm

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जहां सरकार लोगों को डिजिटल लेन-देन करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है उसी बीच नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने एक चौकाने वाली बात कही है।

नोटबंदी के बाद से कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में अभी जिन क्रेडिट और ATM कार्ड का उपयोग सबसे ज्यादा किया जा रहा है, वो 2020 तक बेकार हो जाएंगे।

ATM कार्ड, डेबिट कार्ड के साथ ही प्वाइंट ऑफ सेल्स मशीनें यानि PoS मशीनें भी बेकार हो जाएंगी।

अमिताभ कांत ने कहा-

“फाइनैंशल टेक्‍नॉलजी और सोशल इनोवेशन दोनों ही मामलों में भारत बहुत बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इस व्‍यापक सोशल इनोवेशन की बदौलत भारत एक लंबी छलांग लगाएगा। मेरा मानना है कि 2020 तक आगामी दो-ढाई सालों में देश में इन सभी डेबिट कार्ड्स, क्रेडिट कार्ड्स, एटीएम मशीनों और पीओएस मशीन पूरी तरह अप्रासंगिक हो जाएंगे।”


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कांत ने यूथ प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन-2017 के एक सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही।



नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांतAmitabhkant.in–

कांत ने हाल ही में पीएम मोदी द्वारा लॉन्च किए गए भीम ऐप और आधार पेमेंट के जरिए होने वाली भुगतान प्रणाली को बढ़ावा देते हुआ कहा-

“भारत में इन सभी चीजों की जरूरत नहीं रह जाएगी। भारत इस बारे में लंबी छलांग लगाएगा और हर भारतीय महज तीस सेकंड्स के भीतर अपने अंगूठे के इस्‍तेमाल से ट्रांजैक्‍शन कर रहे होंगे।”

भारत में अब तक ज्यादातर लेन-देन नकदी में ही होता आया है। वहीं देश में सिर्फ 2 से 2.5 प्रतिशत लोग ही टैक्स का भुगतान करते हैं। ऐसे में कांत ने देश को अनौपचारिक से औपचारिक अर्थव्यवस्था बनने की जरूरत पर जोर दिया।


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