हवाई टिकट कैंसल करवाने पर अब मिलेगा ज्यादा रिफंड, नए नियम लागू

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Updated on 1 Aug, 2016 at 6:45 pm

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हवाई यात्रियों के लिए यह खबर राहत भरी है। अब फ्लाइट टिकट कैंसल कराना 1 अगस्त से सस्ता हो गया है। नए नियमों के तहत अब एयरलाइन्स ईंधन शुल्क और मूल किराए से ज्यादा रद्दीकरण शुल्क नहीं काट सकेगी।

इसके अलावा यदि किसी एयरलाइन्स की ओर से बोर्डिंग से मना किये जाने पर या उड़ान रद्द होने पर यात्रियों को ज्यादा हर्जाना और रिफंड मिलेगा। रिफंड के नाम पर कोई भी एडिशनल चार्ज एयरलाइंस नहीं लेगी।

आपको बता दें कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने सिविल एविएशन रेगुलेशन (CAR) में संशोधन किया है, जो 1 अगस्त 2016 से लागू हो रहा है। डीजीसीए द्वारा नियमों को अंतिम रूप दे कहा गया है:

“टिकट कैंसल कराने या इस्तेमाल न करने की स्थिति में एयरलाइंस सभी वैधानिक कर तथा उपभोक्ता विकास शुल्क, हवाई अड्डा विकास शुल्क समेत यात्री सेवा शुल्क वापस करेंगी। यह नियम किसी भी ऑफर के तहत बुक कराए गए टिकटों पर भी लागू होगा। उन टिकटों पर भी, जिनमें मूल किराया नॉन-रिफंडेबल है।”

नए नियम के अनुसार, अगर किसी यात्री ने फ्लाइट का टिकट क्रेडिट कार्ड से कराया है, तो टिकट कैंसल कराने के 7 दिनों के भीतर कार्ड अकाउंट में पैसा वापस हो जाएगा।  वहीं, नकद भुगतान की स्थिति में कैंसल होने पर पैसा हाथों-हाथ मिल जाएगा। उधर, एजेंट या पोर्टल से अधिकतम 30 दिन में पैसा रिफंड होगा।

एयरलाइन्स के सीट से ज्यादा बुकिंग करने और फिर बोर्डिंग से इंकार कर देने की स्थिति में जो हर्जाना का शुल्क 4 हजार था अब एयरलाइन्स को 20 हजार रुपयों तक का हर्जाना देना होगा।



अगर एयरलाइन्स एक घंटे के अंदर यात्री को दूसरी उड़ान में सीट मुहैया करा देती है, तो उसे किसी भी तरह का कोई हर्जाना नहीं देना होगा। हालांकि यह कहा गया है कि अगर एयरलाइन्स एक घंटे के अंदर ही सीट मुहैया कराने में असमर्थ रहती है, और एक घंटे के बाद लेकिन 24 घंटे से पहले यात्री को सीट दिलवाती है तो मूल किराया और ईंधन सरचार्ज का 200 प्रतिशत हर्जाना देना होगा।


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ये सभी नियम घरेलू के साथ विदेशी एयरलांइस पर भी लागू होंगे, जो भारत से या भारत के लिए उड़ाने मुहैया कराते हैं।

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