महिला को ‘छम्मकछल्लो’ कहा तो होगी जेल! लेकिन क्या आपको पता है यह एक कार्टून कैरेक्टर का नाम है?

7:26 pm 4 Sep, 2017

अक्सर कुछ टपोरी किस्म के सड़क पर चलती लड़कियों को ‘छम्मकछल्लो’ कहकर छेड़ते हैं।

हमारी फिल्मों में भी इस शब्द का खूब इस्तेमाल होता है। और तो और ‘छम्मकछल्लो’ एक कॉमिक किरदार भी है। कार्टून का यह नियमित स्तंभ सरस सलिल नामक मैगजीन में छपता रहा है।

अब नई खबर यह है कि अगर किसी महिला के लिए किसी ने ‘छम्मकछलो’ शब्द का इस्तेमाल किया, तो उसकी खैर नहीं। जी हां, अब ऐसा कहने वाले कानून के शिंकजे में फंस सकते हैं। महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने कहा है कि इस शब्द का इस्तेमाल करना ‘एक महिला का अपमान करने’ के बराबर है। तो समझ गए न आप आगे से ध्यान रखिएगा।

आपको याद होगा कि इस शब्द पर ही शाहरुख खान की फिल्म ‘रॉ वन’ का एक हिट गाना बना था।

तो अब पब्लिकली ये गाना गुनगुनाने से पहले भी सौ बार सोच लीजिएगा।

दरअसल, एक हफ्ते पहले ठाणे की एक महिला ने अदालत में शिकायत की थी कि एक जब वह अपने पति के साथ सैर से लौट रही थी, तब उसे एक कूडेदान से ठोकर लग गई। महिला ने कहा कि यह कूडेदान आरोपी पड़ोसी ने ही सीढ़ियों पर रखा था। महिला ने कहा कि आरोपी उस पर चिल्लाने लगा और उन्हें कई चीजें कहने के बीच उसने महिला को ‘छम्मकछल्लो’ कहकर पुकारा।



इस शब्द से गुस्साकर महिला ने पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद महिला ने अदालत का रुख किया। आठ साल बाद न्यायिक मैजिस्ट्रेट आर टी लंगाले ने उनके मामले को उचित ठहराते हुए कहा कि आरोपी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 509(शब्द, इशारे या किसी गतिविधि से महिला का अपमान) के तहत अपराध किया है।

मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहाः

“यह एक हिंदी शब्द है। अंग्रेजी में इसके लिए कोई शब्द नहीं है। भारतीय समाज में इस शब्द का अर्थ इसके इस्तेमाल से समझा जाता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल किसी महिला का अपमान करने के लिए किया जाता है। यह किसी की तारीफ करने का शब्द नहीं है, इससे महिला को चिढ़ होती है और उसे गुस्सा आता है।”

तो अब सभी महिलाएं सुन लें यदि कोई आपको छम्मकछल्लो कहता है तो आप कानून का सहारा लेकर उस इंसान को सबक सिखा सकती है।

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