जिस परिधान के लिए भारत में मिलती है 300 रुपए रोजाना मजदूरी, वह बिकता है 42 हजार रुपए में

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Updated on 7 Mar, 2017 at 1:37 pm

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जिस परिधान के निर्माण के लिए महज 300 रुपए रोजाना की मजदूरी मिलती है, वह कम से कम 42 हजार रुपए में बिकता है। क्या आप यकीन कर सकते हैं? शायद नहीं, लेकिन ऐसा ही हो रहा है।

ब्रिटिश मॉडल लिज हर्ले ने यहां जिस परिधान को पहन रखा है, उसके लिए भारत में काम करने वाले कारीगर को एक दिन में महज 300 रुपए की मजदूरी दी गई, जबकि इसकी कीमत 42 हजार रुपए है।

डेली मेल से बातचीत में कॉन्ट्रैक्टर्स कहते हैं कि यहां 24 घंटे शिफ्ट में काम करना होता है। न तो उन्हें साप्ताहिक अवकाश मिलता है और न ही कोई दूसरी छुट्टी। इस रिपोर्ट के मुताबिक, शिफ्ट की शुरूआत सुबह 8 बजे होती है जो रात के 8 बजे तक चलती है। कारीगरों को आधे घंटे का लंच ब्रेक दिया जाता है और उन्हें सप्ताह में छह दिन काम करना पड़ता है।

यह परिधान कथित तौर पर लिज हर्ले के द्वारा डिजायन किया गया है।

लिज दावा करती हैं कि इन परिधानों वह खुद डिजायन करती हैं। इसके बनने से लेकर स्टोर जाने तक की जिम्मेदारी उनकी खुद की है, लेकिन सच्चाई यह है कि हैरोर्ड्स में बिकने वाले इन कीमती परिधानों को दिल्ली के आसपास छोटी-छोटी फैक्ट्रियों में बनाया जाता है।

न तो इसके डिजायन से लिज का कोई लेना-देना होता है और न ही निर्माण से।

यह वाकई चौंकाने वाली है बड़े ब्रान्ड्स इस तरह अपने उपभोक्ताओं को ठगते हैं। भारत, बांग्लादेश सहित दक्षिण एशिया में ऐसी तमाम छोटी-छोटी फैक्ट्रियां हैं जहां के बने उत्पाद अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में बड़े ब्रान्ड्स के टैग लगाकर बेचे जाते हैं। इसके लिए कारीगरों और मजदूरों का शोषण आम है।


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