वृंदा करात ने नरेन्द्र मोदी को बताया ‘नाटकबाज़’, ट्विटर पर जम कर उड़ा मज़ाक

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Updated on 6 Sep, 2017 at 7:35 pm

500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने के मुद्दे पर 13 नवम्बर को गोवा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए गए भावुक भाषण को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने नाटकबाजी करार दिया है।

वृंदा करात ने पीएम मोदी के देश की जनता से 50 दिन का समय देने वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ‘प्रधानमंत्री क्या जनता को भूख से बचने के लिए कुछ समय दे रहे हैं।’

प्रधानमंत्री अपने भाषण के दौरान भावुक हो गए थे, इस पर उन्होंने कहा कि ‘हम प्रधानमंत्री के आंसू देखें या उस विधवा के आंसू देखें, जिसे सुबह से रात तक काम करने के बाद वेतन नहीं मिल रहा है।’

आगे उन्होंने कहा कि जब से पीएम ने नोटबंदी की घोषणा की है, तब से 20 लाख कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है।

वृंदा करात की इस प्रतिक्रिया पर मोदी के प्रशंसकों ने उन्हें ट्विटर पर आड़े हाथों लिया:

गौरतलब है कि काले धन पर उठाए गए अपने कदम पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने घर परिवार सबकुछ देश के लिए छोड़ा है। उन्होंने कहा कि यह संपत्ति देश की है, देश के गरीब की है, गरीबों की मदद करना उनका कर्तव्य है और उसे वह करेंगे।

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