शहीद मेजर अमित देशवाल ने पत्नी और माँ से किया था वादा कि ‘तीन दिन में लौट कर आऊंगा’

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9:43 pm 15 Apr, 2016

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हर किसी की आँखें नम थी। एक माँ ने आज अपना बेटा खोया था। उसके आँखों के बादल जैसे थमने के नाम नही ले रहे थे। एक विधवा जो किनारे गुम-सुम सी बेसुध सी बैठी थी, वो आख़िरी बार लिपट कर जी भर के रोना चाहती थी। जी भर के लड़ना चाहती थी, कि वो यह वादा कैसे तोड़ गया कि हम ज़िंदगी भर साथ रहेंगे। और वह तीन साल का छोटा बेटा, पता नही क्यों आज कुछ खामोश सा था। रोज ही तो यह पूरे घर को सर पर उठा लेता था। आज कुछ शांत सा था।

बड़ी बहन भाग कर उसका माथा चूम लेना चाहती थी। पर उसके चेहरे को देखने का साहस नही जुटा पा रही थी। उसे याद है बचपन में कैसे वो तंग करता था। अजीब विडंबना है, आज वो उससे शिकायत भी नही कर सकती थी। वहीं वो पिता जो अपने बेटे के पार्थिव शरीर पर लिपट-लिपट कर रो रहा था, आज कितना बेबस नज़र आ रहा है। वो खुद फ़ौज़ में थे, लेकिन अपने इस दुलारे बेटे को इस तरह से छोड़ जाने का मंज़र थोड़ा मुश्किल था।

भारत का यह बेटा अलविदा कह रहा था और आँगन में यादें पुन ज़िंदा हो रही थी। कैसे वह अपनी नटखट शैतानियों से सबको हंसाया करता था। कैसे शैतानी करने के बाद माँ की गोदी में दुबक जाता था। कैसे बहन और छोटे भाई के साथ कहानियों में परियां सजाता था। कैसे वो जाते वक़्त अपनी पत्नी से कहता था ‘ख्याल रखना अपना मैं जल्दी आऊंगा’। और कैसे अपने बेटे को गोदी उठा कर कहता था, ये तो शेर है एक दिन मेरा नाम रोशन करेगा।

लेकिन ये तो यादें हैं और उसने सबको यादों के सहारे ही छोड़ दिया। कुछ दिन पहले ही तो उसका फोन आया था। हाल-चाल पूछ रहा था। वादा किया था 3 दिन बाद आऊंगा। हंस रहा था, हंसा रहा था। और आज जब तिरंगे में लिपट कर आया तो सबको रुला कर चला गया

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मणिपुर के तामेंगलांग जिले में बुधवार रात उग्रवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए झज्जर के जवान मेजर अमित देशवाल का शव आज उनके घर पहुँचा तो पूरे देश की आँखें नम हो गई। आपको बता दें कि 21 पैरा बटालियन के जवान मेजर अमित देशवाल तामेंगलांग में अपने साथी जवानों के साथ उग्रवादी संगठन एनएससीएन के और जेडयूएफ के खिलाफ ऑपरेशन के लिए जा रहे थे। जहाँ घात लगा कर बैठे उग्रवादियों ने गोलाबारी कर दी थी।



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रोती-बिलखती माँ indianexpress

10 जून 2006 को सेना में भर्ती हुए अमित देशवाल की नसों में वीरता खानदानी थी। उनके पिता ऋषिराम देशवाल भी सेना से सूबेदार के पद से रिटायर्ड हैं, वहीं उनके दादा भी आर्मी में तैनात थे। अपने परिवार का नाम रोशन करते हुए अमित ने पेट में गोलियाँ लगने के बावजूद एक उग्रवादी को ढ़ेर कर दिया था।

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पिता और छोटे भाई संग शहीद मेजर अमित देशवाल

अमित देशवाल अपने परिवार पत्नी नीता, अर्जुन नाम का 3 साल का छोटा बेटा, माता-पिता, एक बड़ी शादीशुदा बहन व छोटे भाई को पीछे छोड़ गए। अमित और नीता की शादी 2009 में हुई थी।

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मैं टॉपयाप्स की टीम और समस्त भारतवासियों की तरफ से शहीद मेजर अमित देशवाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। और साथ में प्राथना करता हूँ कि उनके परिवार और साथी संबंधियों को इस दुख की घड़ी से लड़ने में हौसला मिले। जय हिंद।

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