Topyaps Logo

Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo

Topyaps menu

Responsive image

शहीद मेजर अमित देशवाल ने पत्नी और माँ से किया था वादा कि ‘तीन दिन में लौट कर आऊंगा’

Updated on 10 July, 2016 at 1:37 pm By

हर किसी की आँखें नम थी। एक माँ ने आज अपना बेटा खोया था। उसके आँखों के बादल जैसे थमने के नाम नही ले रहे थे। एक विधवा जो किनारे गुम-सुम सी बेसुध सी बैठी थी, वो आख़िरी बार लिपट कर जी भर के रोना चाहती थी। जी भर के लड़ना चाहती थी, कि वो यह वादा कैसे तोड़ गया कि हम ज़िंदगी भर साथ रहेंगे। और वह तीन साल का छोटा बेटा, पता नही क्यों आज कुछ खामोश सा था। रोज ही तो यह पूरे घर को सर पर उठा लेता था। आज कुछ शांत सा था।

बड़ी बहन भाग कर उसका माथा चूम लेना चाहती थी। पर उसके चेहरे को देखने का साहस नही जुटा पा रही थी। उसे याद है बचपन में कैसे वो तंग करता था। अजीब विडंबना है, आज वो उससे शिकायत भी नही कर सकती थी। वहीं वो पिता जो अपने बेटे के पार्थिव शरीर पर लिपट-लिपट कर रो रहा था, आज कितना बेबस नज़र आ रहा है। वो खुद फ़ौज़ में थे, लेकिन अपने इस दुलारे बेटे को इस तरह से छोड़ जाने का मंज़र थोड़ा मुश्किल था।

भारत का यह बेटा अलविदा कह रहा था और आँगन में यादें पुन ज़िंदा हो रही थी। कैसे वह अपनी नटखट शैतानियों से सबको हंसाया करता था। कैसे शैतानी करने के बाद माँ की गोदी में दुबक जाता था। कैसे बहन और छोटे भाई के साथ कहानियों में परियां सजाता था। कैसे वो जाते वक़्त अपनी पत्नी से कहता था ‘ख्याल रखना अपना मैं जल्दी आऊंगा’। और कैसे अपने बेटे को गोदी उठा कर कहता था, ये तो शेर है एक दिन मेरा नाम रोशन करेगा।


Advertisement

लेकिन ये तो यादें हैं और उसने सबको यादों के सहारे ही छोड़ दिया। कुछ दिन पहले ही तो उसका फोन आया था। हाल-चाल पूछ रहा था। वादा किया था 3 दिन बाद आऊंगा। हंस रहा था, हंसा रहा था। और आज जब तिरंगे में लिपट कर आया तो सबको रुला कर चला गया



मणिपुर के तामेंगलांग जिले में बुधवार रात उग्रवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए झज्जर के जवान मेजर अमित देशवाल का शव आज उनके घर पहुँचा तो पूरे देश की आँखें नम हो गई। आपको बता दें कि 21 पैरा बटालियन के जवान मेजर अमित देशवाल तामेंगलांग में अपने साथी जवानों के साथ उग्रवादी संगठन एनएससीएन के और जेडयूएफ के खिलाफ ऑपरेशन के लिए जा रहे थे। जहाँ घात लगा कर बैठे उग्रवादियों ने गोलाबारी कर दी थी।

indianexpress

रोती-बिलखती माँ indianexpress

10 जून 2006 को सेना में भर्ती हुए अमित देशवाल की नसों में वीरता खानदानी थी। उनके पिता ऋषिराम देशवाल भी सेना से सूबेदार के पद से रिटायर्ड हैं, वहीं उनके दादा भी आर्मी में तैनात थे। अपने परिवार का नाम रोशन करते हुए अमित ने पेट में गोलियाँ लगने के बावजूद एक उग्रवादी को ढ़ेर कर दिया था।

---name of site---

पिता और छोटे भाई संग शहीद मेजर अमित देशवाल


Advertisement

अमित देशवाल अपने परिवार पत्नी नीता, अर्जुन नाम का 3 साल का छोटा बेटा, माता-पिता, एक बड़ी शादीशुदा बहन व छोटे भाई को पीछे छोड़ गए। अमित और नीता की शादी 2009 में हुई थी।

मैं टॉपयाप्स की टीम और समस्त भारतवासियों की तरफ से शहीद मेजर अमित देशवाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। और साथ में प्राथना करता हूँ कि उनके परिवार और साथी संबंधियों को इस दुख की घड़ी से लड़ने में हौसला मिले। जय हिंद।

Advertisement

नई कहानियां

अमीरों के ये बचत के तरीके अपनाकर आप भी बन सकते हैं अमीर

अमीरों के ये बचत के तरीके अपनाकर आप भी बन सकते हैं अमीर


कभी फ़ुटपाथ पर सोता था ये शख्स, आज डिज़ाइन करता है नेताओं के कपड़े

कभी फ़ुटपाथ पर सोता था ये शख्स, आज डिज़ाइन करता है नेताओं के कपड़े


किसी प्रेरणा से कम नहीं है मोटिवेशनल स्पीकर संदीप माहेश्वरी की कहानी

किसी प्रेरणा से कम नहीं है मोटिवेशनल स्पीकर संदीप माहेश्वरी की कहानी


इस फ़िल्ममेकर के साथ काम करने को बेताब हैं तब्बू, कहा अभिनेत्री न सही, असिस्टेंट ही बना लो

इस फ़िल्ममेकर के साथ काम करने को बेताब हैं तब्बू, कहा अभिनेत्री न सही, असिस्टेंट ही बना लो


इस शख्स की ओवर स्मार्टनेस देख हंसते-हंसते पेट में दर्द न हो जाए तो कहिएगा

इस शख्स की ओवर स्मार्टनेस देख हंसते-हंसते पेट में दर्द न हो जाए तो कहिएगा


Advertisement

ज़्यादा खोजी गई

टॉप पोस्ट

और पढ़ें Military

नेट पर पॉप्युलर