भारत में रहकर बलूचिस्तान को आजाद कराने की रणनीति, बलूच नेता ब्रह्मदाग बुगती लेंगे शरण

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Updated on 19 Sep, 2016 at 9:52 pm

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बलूच नेता ब्रह्मदाग बुगती भारत की धरती से बलूचिस्तान को पाकिस्तान के कब्जे से आजाद कराने की लड़ाई लड़ेंगे। बुगती ने कहा है कि वह जल्द ही भारत में शरण लेने के लिए दस्तावेज जमा करेंगे और पाकिस्तानी सरकार और इसके सेना के जनरलों को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में घसीटेंगे। बुगती ने कहा कि उनकी पार्टी चीन को भी अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में घसीटेगी।


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बलूच रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ नेता बुगती इन दिनों स्विटजरलैन्ड में निर्वासित जीवन व्यतीत कर रहे हैं। 16 सदस्यीय बलूच रिपब्लिकन पार्टी ने 18-19 सितंबर को स्विटजरलैन्ड के जेनेवा में मीटिंग बुलाई थी, जिसमें ब्रह्मदाग बुगती के भारत में शरण लेने के निर्णय पर मुहर लगी।

ब्रह्मदाग बुगती का बयान पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

ब्रह्मदाग बुगती बलूच नेता नवाब अकबर खान बुगती के पोते हैं। दस साल पहले पाकिस्तानी सेना ने अकबर खान की हत्या कर दी थी और उसके बाद बलूच रिपब्लिकन पार्टी को ब्रह्मदाग बुगती ने नेतृत्व प्रदान किया है।

माना जा रहा है कि ब्रह्मदाग बुगती के साथ ही मोहम्मद बुगती और अजीजुल्लाह बुगती को भी सरकार भारत में शरण देने की अनुमति दे सकती हैं।

पाकिस्तानी सैनिकों के अत्याचार से त्रस्त बलूचिस्तान से करीब 2 हजार बलूच निवासियों ने दुनिया के अलग-अलग देशों में शरण लेने के लिए आवेदन किया है। वहीं, करीब 15 हजार बलूच आबादी अफगानिस्तान में शरण लेने की कोशिश कर रही है।

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