इस गेम को बैन नहीं किया तो चलता रहेगा सुसाइड का सिलसिला

11:53 am 16 Aug, 2017

ये गेम न हुआ, राक्षस हो गया। ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल एक ऐसा गेम है, जो सुसाइड करने को बाध्य कर देता है। ये बच्चों के दिमाग पर हावी हो जाता है और उनसे उटपटांग चीजें करवाता है।

ताज़ा मामला पश्चिम बंगाल और देहरादून का है, जिसमें गेम ने बच्चों को इस कदर तनाव में डाल दिया, जिससे उन्हें जीवन का मोह ख़त्म हो गया। बंगाल में पश्चिमी मिदनापुर जिले के आनंदपुर में 10वीं के छात्र अंकन डे ने फ़ांसी लगा कर अपनी जान दे दी। अंकन ने ब्लू व्हेल चैलेंज को पूरा करने के उद्देश्य से ऐसा किया। अंकन ने बाथरूम में बंद होकर प्लास्टिक बैग से अपने सिर को ढक लिया, फिर उसे नायलॉन की रस्सी से बांध दिया। इससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई।

अंकन के पिता गोपीनाथ डे के अनुसारः

“शनिवार को स्कूल से लौटने पर अंकन कम्प्यूटर के पास बैठ गया। जब उसकी मां ने उसे लंच के लिए बुलाया तो उसने कहा पहले नहा कर आता हूं, फिर खाना खाउंगा। जब वो बहुत देर तक बाथरूम से बाहर नहीं आया तो हमने बाथरूम का दरवाजा तोड़ दिया। अंकन बाथरूम में गिरा पड़ा था। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।”

अंकन के दोस्तों ने बताया कि वो ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल चैलेंज खेलता था। आनंदपुर के एसपी भारती घोष ने मामले की जांच करने की बात कही है।

ऐसे ही एक मामले में देहरादून में पांचवीं क्लास के एक छात्र की संदिग्ध हरकत देखते हुए स्कूल प्रशासन ने भांप लिया। छात्र उदास और अकेला रहने लगा था। प्रिंसिपल ने जब बच्चे से सख़्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि वो ब्लू व्हेल ऑनलाइन गेम खेल रहा है। स्कूल प्रशासन ने तुरंत बच्चे के माता-पिता को बुलाया और इत्तला दी। बच्चे ने बताया कि वो खेल के अंतिम दौर में था।

भारत में ब्लू व्हेल गेम का प्रभाव बढ़ रहा है। स्थिति भयावह हो और कुछ और बच्चे इसके शिकार हों, सरकार को इस जानलेवा ऑनलाइन गेम को तुरंत प्रतिबंधित कर देना चाहिए।

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