इस शख्स ने अपना ब्लड ग्रुप जानने के लिए डाल दी RTI, पता लगाने में जुटा केंद्रीय सूचना आयोग

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Updated on 25 May, 2018 at 6:44 pm

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देश के आम नागरिक द्वारा सरकार के किसी कामकाज या योजनाओं से सम्बंधित जानकारी हासिल करने के लिए RTI का इस्तेमाल करना आम बात है।  कभी-कभी इस RTI से ऐसे-ऐसे खुलासे होते हैं, जो अचंभित भी कर देते हैं। लेकिन हाल ही में RTI के दफ्तर में एक ऐसी RTI आई है, जो विचित्र होने के साथ-साथ गंभीर मसले से भी जुड़ी है।

दरअसल, एक शख्स ने अपना ब्लड ग्रुप जानने के लिए RTI दाखिल की है। अब आप सोच रहे होंगे कि इतनी सी बात के लिए RTI डालने की क्या जरूरत है, जब किसी लैब में जाकर टेस्ट कराने पर ब्लड ग्रुप का आसानी से पता लगाया जा सकता है।

 

 

लेकिन जनाब इस मामले में एक पेंच है। आगरा के रहने वाले राहुल चित्रा अपने ब्लड ग्रुप को लेकर परेशान हैं। उन्होंने आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज समेत कई प्राइवेट लेबोरेट्री में अपना ब्लड ग्रुप चेक कराया है और सभी जगह से उनके ब्लड ग्रुप की रिपोर्ट अलग-अलग आई है।

 

 

यहां तक कि उन्होंने दिल्ली के पंत अस्पताल से भी जब अपने ब्लड ग्रुप की जांच कराई तो कभी बी निगेटिव आया तो कभी बी पॉजिटिव निकल कर आया।

 


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थक हार कर उन्होंने मेडिकल काउसिंल ऑफ इंडिया का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। फिर आखिर में वह केन्द्रीय सूचना आयोग के पास अपनी परेशानी लेकर पहुंचे।

 

 

उन्होंने RTI के माध्यम से केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) से एक विचित्र लेकिन गंभीर सवाल पूछा कि उनका ब्लड ग्रुप क्या है? उन्होंने सबसे अहम सवाल उठाया कि अगर उन्हें कभी इमरेंजेसी में खून की जरूरत हुई तो किस ब्लड ग्रुप का खून उन्हें दिया जाएगा।

 

 

इस मसले को गंभीरता से लेते हुए सूचना आयुक्त यशोवर्धन आजाद का कहना है कि इस मसले को हलके में नहीं लिया जा सकता है। यह मुद्दा गंभीर है, जो आवेदक कि जिंदगी से जुड़ा है।

उन्होंने कहा कि राहुल चित्रा के ब्लड ग्रुप को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। वहीं उन्होंने आपात स्थिति में उन्हें किस ब्लड ग्रुप का खून दिया जाएगा, इस सवाल को गंभीर मानते हुए मामले की उपयुक्त जांच करवाने का आश्वासन दिया है और AIIMS को इसकी सही जांच करने को कहा है।

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