बीजेपी ने पांच हज़ार किलो खिचड़ी से फैलाया रायता!

7:29 pm 7 Jan, 2019

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लोकसभा चुनाव आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मचने लगी है। राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने वोट बैंक साधने में लगी हुई हैं। इसी कड़ी में बीजेपी की ओर से दिल्ली के रामलीला मैदान में भीम महासंगम और समरसता खिचड़ी का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से 5000 किलो खिचड़ी बनाई गई। इस आयोजन को खिचड़ी पॉलीटिक्स का नाम दिया गया।

 

 

khichadi-खिचड़ी

punjabkesari


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एक तीर से दो निशाने

इस खिचड़ी पॉलीटिक्स के ज़रिए बीजेपी दलित वोट साधने की कवायद में लगी हुई है। इस आयोजन में पिछड़े वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान करीब 3 लाख घरों से एक मुठ्ठी चावल और आधा मुठ्ठी दाल जमा की गई, जिससे खिचड़ी बनाई गई। इस अभियान से बीजेपी एक तीर से दो निशाने साध रही है। इस अभियान से दलित वोट बैंक तो साधा ही जा रहा है। साथ ही इसे गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भी भेजा जाने वाला है।

 

 

अभियान में नहीं पहुंचे दलित नेता उदित राज

 

इस खिचड़ी को वहां मौजूद लोगों को सांसद मनोद तिवारी ने अपने हाथों से परोसा। अभियान के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री राम लाल, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अनिल जैन, जनरल सेक्रेटरी और लोकसभा चुनाव के लिए दिल्ली के प्रभारी अरुण सिंह के अलावा केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत, विजय गोयल, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दुष्यंत कुमार गौतम शामिल हुए। सांसदों में डॉ. हर्षवर्धन, मीनाक्षी लेखी, प्रवेश वर्मा और मनोज तिवारी भी पहुंचे। अभियान में भाजपा सांसद एवं दलित नेता उदित राज शामिल नहीं हुए। वो आयोजन खत्म होने के काफ़ी देर बाद वहां पहुंचे, जिसको लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

 

 

इस ‘सियासी’ खिचड़ी को चखने के लिए 25 हज़ार लोगों के आने का दावा किया गया था, लेकिन मैदान में सिर्फ़ 5 से 6 हज़ार लोग ही पहुंचे। बाकी जो खिचड़ी बची, उसका क्या हुआ, ये किसी को नहीं पता।

 

इस अभियान को लेकर लोगों ने बीजेपी की जमकर किरकिरी की है। लोगों ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए इसे एक ढोंग बताया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

नागपुर के शेफ़ ने बनाई खिचड़ी

खिचड़ी बनाने के लिए नागपुर के मशहूर शेफ़ विष्णु मनोहर को बुलाया गया था। विष्णु इससे पहले 3000 किलो खिचड़ी बनाने का रिकॉर्ड बना चुके हैं। अब उनके सामने एक ही बर्तन में 5000 किलो खिचड़ी बनाने की चुनौती थी, जिसे उन्होंने पूरा किया। खिचड़ी बनाने में 6 घंटे का समय लगा। खिचड़ी बनाने में 600 किलो चावल और 400 किलो दाल का इस्तेमाल हुआ। 500 किलो सब्ज़ी, 250 किलो तेल और 150 किलो मसाले से ये खिचड़ी बनकर तैयार हुई।

 

 

वोट बैंक साधने के लिए बीजेपी का ये हथकंडा कितना कारगर साबित होगा ये कहना तो अभी मुश्किल है। अभियान को लेकर लोगों के रिएक्शन्स से तो यही लगता है जनता अब समझ गई है वो इतनी आसानी से बेवकूफ़ नहीं बनने वाली। बता दें बीजोपी के लिए इस बार दिल्ली को फ़तह करना उसकी नाक का सवाल बन गया है। 2015 में मिली करारी हार के बाद अब बीजेपी किसी भी तरह की गलती यहां नहीं दोहराना चाहती।


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