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इसे अन्धविश्वास की हद कहते हैं, लंबे गुप्तांग वाले इस भगवान की लोग करते हैं पूजा

10:20 am 6 Oct, 2018

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कई बार लोग ऐसा अटपटा करते हैं जो कि समझ से बाहर होता है। धार्मिक मान्यताएं समाज की संस्कृति से जुड़ी होती हैं। वहीं कुछ लोग इसकी खिल्ली उड़ाने में लगे हुए हैं। धार्मिक मान्यताओं के साथ अंधविश्वास की जड़ें इतनी गहरी धंसीं हैं कि लोग कभी-कभार मूर्खता पर उतर आते हैं। ऐसा ही कुछ राजस्थान में देखने को मिल रहा है, जहां देवता के गुप्तांग को पूजने का रिवाज चल निकला है।

 

यह कोई मुच्छड़ देवता है, लम्बा लिंग लिए नंग धडंग, स्त्री-पुरुष दोनों में प्रिय। जी बिलकुल सही सुने हैं आप!

 

‘इलोजी’ की पूजा पौरुष, पुत्र और कामुख देवता के रूप की जाती है। और यही एक सभ्य समाज को शर्मसार करने के लिए काफ़ी है।

 

चर्चा को बढ़ाने से पहले आप नीचे दिए इस वीडियो को देख लीजिए ताकि आपको अंधविश्वास के चरम बिंदु की थाह मिल जाए। वीडियो को देखकर आपको एक ओर हैरानी होगी तो वहीं हंसी भी छुट पड़ेगी। लेकिन ये हंसने से ज़्यादा सोचने का मामला है कि आखिर हम धर्म के नाम पर कैसे समाज की कल्पना कर रहे हैं। निश्चय ही ज्ञान-विज्ञान के इस युग के लिए ऐसी घटना एक बड़ी विडंबना है।


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आप सोच रहे हैं कि आखिर लोग देवता के नाम पर ऐसा क्यों कर रहे हैं तो चलिए आपको इसके पीछे की वजह बताते हैं। ये ‘इलोजी’ देवता हैं जो कि हिरण्यकश्यप की बहन होलिका के प्रेमी कहे जाते हैं। होलिका के दहन हो जाने के बाद ये वन-वन भटकने लगे। ज़ाहिर है ये भी राजकुमार थे और वीर-गुणशील थे लेकिन विरह वेदना के चलते बाद का जीवन ठीक नहीं रहा। राजस्थान में इन्हें पूजने की परम्परा है, लेकिन पूजा के स्थान पर ये जो तमाशा चल रहा है, वो सभ्य समाज के नाम पर कलंक ही कहा जा सकता है।

आज जहां विज्ञान की तरक्की से टेस्ट ट्यूब से बच्चे जन्म ले रहे हैं, वहीं कुछ लोग देवता को लिंग के साथ खुले में न केवल रखते हैं, बल्कि उनके साथ अजीब हरकत भी करते हैं। महिला इनसे पुत्र की कामना करती है तो वहीं पुरुष पौरुष मांगते हैं। अब ये सोचने वाली बात है जहां पुरुष-महिला की इक्वलिटी और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं का बढ़ चढ़कर नारा दिया जाता है, वहां मान्यता के नाम पर कुछ भी चल रहा है।

विश्वास और अंधविश्वास के बीच फंसे इन लोगों की चले तो समाज को सत्यानाश की गर्त में जाते देर नहीं लगेगी। आप क्या सोचते हैं?

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