अब टिकट दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, चेहरा दिखाकर यात्रा कर सकेंगे

8:11 pm 3 Jun, 2017

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यात्रा अब पहले से कई गुना अधिक सुविधाजनक होने जा रही है। यात्रा के क्रम में टिकट दिखाना इतिहास हो सकता है। फेस आइडेंटिफिकेशन और फिंगर प्रिंट के जरिए आप प्लेन से यात्रा कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी तकनीक विकसित कर लेने की बात कही गई है।

अमेरिका में दो कंपनियों ने टिकट और बोर्डिंग पास की जगह इस सिस्टम को अपनाने के लिए टेस्टिंग शुरू कर दी है।

अमेरिका में चेहरा मिलान के लिए यूएस कस्टम ऐंड बॉर्डर प्रॉटेक्शन के पासपोर्ट डेटाबेस का उपयोग हो सकता है। डेल्टा एयरलाइन के अनुसार उसने बायोमीट्रिक आइडेंटिफिकेशन पायलट प्रोग्राम शुरू किया, जिसके तहत यात्री प्लेन के टिकट के बजाय अपने फिंगरप्रिंट्स इस्तेमाल कर सकेंगे। प्राइवेसी पॉलिसी के मुताबिक, यूजर्स की बायोमीट्रिक इन्फर्मेशन का रख-रखाव ‘क्लियर’ को करना होगा। यूजर्स कभी भी अपनी इन्फर्मेशन को कंपनी के सर्वर से हटाने और अपने अकाउंट को बंद करने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं। एयरलाइन ने यह ऐलान भी किया है कि वह चेहरा पहचानने वाली तकनीक का इस्तेमाल बैग ड्रॉप करने में करेगी। आने वाले वक्त में वह मिनीऐपलस सेंट पॉल इन्टरनेशनल एयरपोर्ट पर पायलट प्रोग्राम को टेस्ट करेगी।



जेटब्लू एयरलाइन के प्रोग्राम की बात करें तो यह यूएस कस्टम्स ऐंड बॉर्ड प्रॉटेक्शन (CBP) और टेक कंपनी SITA के साथ मिलकर काम करता है। बॉस्टन के लोगन इंटरनेशनल एयरपोर्ट और क्वीन बीट्रिक्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कंपनी के ग्राहकों के पास दो ऑप्शन होंगे। या तो वे पहले वाली नॉर्मल बोर्डिंग लाइन में जा सकते हैं या फिर उन्हें दूसरी लाइन में जाना होगा जहां पर फोटो लेने के लिए कैमरा लगा है। SITA का सिस्टम यात्री के फोटो को CBP के पास भेजेगा और उसे डेटाबेस से मैच किया जाएगा। जेटब्लू का कहना है कि मैचिंग की यह प्रक्रिया तुरंत हो जाती है।

बेहद सुविधाजनक लगने वाले इस तकनीक के होने से टिकट और अन्य पहचान पत्रों को साथ में रखने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। लोग अबाध रूप से यात्रा कर सकेंगे।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे प्रोग्राम में लोगों को साइनअप करने से पहले उनको आश्वस्त करना होगा कि सूचना का दुरुपयोग नहीं हो। साथ ही सरकारी नियमों को भी ठीक से परखने की जरूरत होगी।


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