बीकानेर जमीन घोटाला की जांच करेगी CBI, मुश्किल में पड़ सकते हैं रॉबर्ट वाड्रा

Updated on 14 Sep, 2017 at 9:15 pm

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा मुश्किल में पड़ सकते हैं। दरअसल, राजस्थान सरकार ने केन्द्र सरकार को सिफारिश की है कि बीकानेर जमीन घोटाले की जांच सीबीआई से करायी जाए। बीकानेर महाजन फील्ड फायरिग रेंज में हुए जमीन घोटाले में 18 मुकदमों चल रहे हैं।

राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार को कहा था कि बीकानेर जमीन घोटाले की जांच के लिए राज्य सरकार ने सीबीआई को लिखा है। हालांकि, इस मामले की जांच के लिए करीब 3 साल पहले वसुंधरा सरकार ने एक जांच कमेटी का गठन किया था, जिसने रॉबर्ट वाड्रा को निर्दोष करार दिया था।

यह है मामला।

“यह घोटाला राजस्थान के बिकानेर के कोलायत क्षेत्र की भूमि का है। यह जमीन उन लोगों को दी जाने वाली थी जो आर्मी महाजन फील्ड फायरिंग रेंज से विस्थापित किए गए थे। इस कथित घोटाले की शिकायत स्थानीय तहसीलदार द्वारा किए जाने के ‌बाद राज्य की पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। वर्ष 2014 में राजस्थान में वसुंधरा राजे की सरकार बनने के बाद बीकानेर में जमीनों के फर्जी आवंटन के 16 केस गजनेर और दो केस कोलायत पुलिस थाने में उसी साल दर्ज हुए। इनमें चार मामले रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी से जुड़े हुए हैं।”


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जमीन घोटाले के इस मामले को सीबीआई को सौंपने के कई मायने हैं। इससे रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें तो बढ़ेंगी है, साथ ही कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार की मुसीबत भी बढ़ेगी। माना जा रहा है कि अगले राजस्थान विधानसभा चुनावों में इस मुद्दे के जरिए भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस को घेरेगी।

रॉबर्ट वाड्रा ने इन आरोपों से इन्कार किया है, वहीं कांग्रेस पार्टी इसे राजनीतिक बदला करार दे रही है।

रॉबर्ट वाड्रा ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर इस मामले में सफाई दी है। उन्होंने लिखा है- द्वेषपूर्ण अभियोजन का एक और सिलसिला। जितना चाहते हो उतने मुकदमे दायर करो और तंग करो, ऐसे झूठ कभी सच को दरकिनार नहीं कर सकते। सच की जीत होगी।

रॉबर्ट वाड्रा का फेसबुक पोस्ट।

वाड्रा का कहना है कि इस मामले में राजस्थान पुलिस को अभी तक रत्ती भर भी सबूत नहीं मिला है। न तो एफआईआर में न ही आरोपी कंपनी को उनसे जुड़ा बताया गया है।

वाड्रा कहते हैंः

“पुलिस एफआईआर और आरोप पत्र में विफल रहने के बाद प्रताड़ित करने के लिए मामला प्रवर्तन निदेशालय को सौंंपा गया। निदेशालय ने छापे मारे, दस्तावेज जब्त किए प्रताड़ित करने के हर हथकंडे अपनाए। इसमें भी विफल रहने के बाद अब उन्होंने सीबीआई को घसीटने का मन बनाया है।”

वाड्रा ने पूछा कि क्या राजस्थान सरकार का अपनी पुलिस पर भरोसा नहीं रहा?


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