बिहार बोर्ड ने बताया कश्मीर को अलग देश, यह राज्य में शिक्षा की अधोगति का ताजा सबूत है

Updated on 12 Oct, 2017 at 1:22 pm

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बिहार से चौंकाने वाली खबरें आती रहती हैं। हाल में हुए टॉपर घोटाले से यह साफ हो गया था कि राज्य में शिक्षा की हालत खराब है। परीक्षा के दौरान खुलेआम कदाचार की कई घटनाएं दिखीं। कदम-कदम पर भ्रष्टाचार व्याप्त दिखता रहा है। सर्वविदित है कि बिहार में डिग्रियां खरीदी और बेची जाती हैं।

इन दिनों बिहार में परीक्षा का मौसम है।

अब बिहार से जो खबर आ रही है, उसे जानकर आप निश्चित रूप से अपना सिर पीट लेंगे। बिहार बोर्ड का मानना है कि कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक अलग देश है। यह बात बिहार द्वारा 7वीं कक्षा के छात्रों के लिए तैयार किए गए एक प्रश्नपत्र में दिखी है।

इस प्रश्नपत्र में छात्रों से पूछा गया था कि इन पांच देशों के लोगों को क्या कहा जाता है। दिए गए पांच ऑप्शन में चीन, नेपाल, इंग्लैंड, कश्मीर और भारत शामिल था।

वैशाली के एक छात्र ने इस बड़ी गड़बड़ी की तरफ अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया था। हालांकि अब अधिकारी इसे प्रिंट की गलती बता रहे हैं।

बिहार एजुकेशन प्रॉजेक्ट काउंसिल (BEPC) के राज्य कार्यक्रम अधिकारी प्रेम चंद्र ने इस घटना को शर्मनाक बताया है और जांच की बात कही है। बिहार में पिछले 5 अक्टूबर को सर्व शिक्षा अभियान के तहत परीक्षा शुरू हुई थी और इसका समापन कल हो गया।

इतना तो तय है कि बिहार बोर्ड की यह गलती अक्षम्य है। हाल के दिनों में बिहार में शिक्षा व्यवस्था की जो दुर्गति हुई है, उसके लिए बोर्ड से लेकर राज्य सरकार तक सभी जिम्मेदार हैं।


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