मुंगेर के नदी-नाले भी उगल रहे हैं एके47, क्या यह किसी बड़ी घटना की आहट है?

Updated on 4 Oct, 2018 at 3:27 pm

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बिहार लगातार अशिक्षा और अव्यवस्था के लिए सुर्ख़ियों में बना रहता है। एक-आध अच्छी खबर खुशफहमी के लिए आती हैं लेकिन बहुतायत खबरें इसकी लचर व्यवस्था के पोल खोलती हैं। फिलवक्त यहां हथियारों के अवैध मौजूदगी ने सुशासन की हवा निकाल कर रख दी है। जिला मुंगेर अवैध हथियार निर्माण के लिए कुख्यात रहा है। यहां के अवैध हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई पूरे देश में होती रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि यहां पुलिस को छापेमारी में छोटे-मोटे अवैध हथियार नहीं, बल्कि एके 47 मिल रहे हैं और इससे चिन्ता बढ़ी है।

 

सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक 20 की संख्या में एके47 राइफल बरामद किए जा चुके हैं और खोज अभियान बदस्तूर जारी है। गंगा नदी के किनारों और नदी-नालों में तलाश जारी है।

 


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बीते दिनों कई घटनाओं में एके47 हथियार के इस्तेमाल से पुलिस हरकत में आई है और सर्च अभियान चलाया गया। सर्च में पुलिस को हथियारों के लगभग 500 पार्ट्स भी बरामद हुए हैं। बता दें कि ये एक लंबा चलने वाला ऑपरेशन है जो कि मुंगेर जिले के कई हिस्सों में चलाया जा रहा है। इस वजह से हथियार रखने वालों के बीच अफरातफरी का माहौल देखा जा रहा है। लोग हथियारों को छुपाकर भागते फिर रहे हैं।

 

मुंगेर के पुलिस अधीक्षक बाबूराम ने कहा:

“कुछ आपराधिक मामलों में उच्च गुणवत्ता के हथियार का इस्तेमाल चौंकाने वाला रहा। लिहाजा हमने इस प्रकार का सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। कई जगहों से हथियार की बरामदगी भी हुई है।”

 

 

जानकारी हो कि कुछ दिन पहले एक आमना खातून नामक महिला की गिरफ्तारी हुई और उसी से हथियारों की तस्करी के बारे जानकारी हासिल की गई। हथियारों के इस रैकेट के खुलासे ने बिहार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं, लिहाजा पुलिस अब हरकत में है। बता दें कि इन तस्करों का नेटवर्क बिहार में न केवल आतंकवादियों और नक्सलियों को हथियार मुहैया कराते हैं, बल्कि बाहर हथियारों की सप्लाई किया करते हैं।

पुलिस का ये सर्च ऑपरेशन राहत देने वाली होगी या फिर सरकार की नींद उड़ाने वाली, ये भविष्य तय करेगा।


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