अजमेर के इस मिठाई दुकान का नाम है ‘भूतिया हलवाई’, कारण जानकर होंगे हैरान

Updated on 23 Nov, 2017 at 7:34 pm

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नामकरण के वक्त लोग बेहद सावधान रहते हैं। किसी बच्चे का नाम रखना हो या फिर व्यवसाय का, अतिरिक्त सावधानी बरतने की नसीहत दी जाती है। कारण साफ़ है कि इसका असर पड़ता है। लेकिन एक मिठाई की दुकान का नाम ‘भूतिया हलवाई’ देखकर सब चौंक जाते हैं। यह मिठाई की दुकान अजमेर में है, जो कि धीरे-धीरे शहर की पहचान बन रहा है।

जी हां! अजमेर शहर को लोग यूं तो ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह और पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर के लिए जानते थे, लेकिन ये भूतिया हलवाई दुकान भी खासा फेमस हो रहा है। दुकान का ये नाम लोगों की जिज्ञासा जगा देता है, साथ ही ये ऐसा नाम है जो याद भी रह जाता है। इसके पीछे की कहानी भी कम खौफनाक नहीं है।

आपको बता दें कि जिस जगह पर ये दुकान है, वो एक डरावनी जगह है। जहां लोग शाम के वक्त जाने से आज भी घबरा जाते हैं। इस जगह को लेकर अफवाह थी कि यहां पर भूतों का साया है और यहां का सन्नाटा इसे और भयानक बना देता था। यहां आस-पास की दुकानें शाम होते-होते बंद कर दी जाती थी तो मिठाई की दुकान खुली ही रहती थी।


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इस दुकान में रातभर लालजी बिना डरे मिठाइयां बनाते थे। बता दें कि ये दुकान लगभग 80 साल पुराना है, जो लालजी मूटचंद गुप्ता ने 1933 में अलवर गेट के पास खोली थी। यह जगह एक सुनसान इलाका था, लिहाजा लोग देर शाम आने से कतराते थे। लालाजी के साहस ने इस दुकान को ‘भुतिया हलवाई’ नाम से फेमस कर दिया।

लालजी के बाद उनके बेटे और अब उनके पोते इसे चला रहे हैं। यहां कुछ साल पहले चोरों ने इस दुकान को लूटा था, जिसमें गल्ले से डेढ़ हज़ार रुपए और इस दुकान का मशहूर गोंद के लड्डू भी ले गए थे।

इन रोचक वाकयों ने इस दुकान को लोकप्रिय बना दिया है।

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