भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की बेशकीमती चाँदी की पांच शहनाई चोरी

author image
Updated on 5 Dec, 2016 at 1:06 pm

Advertisement

बनारस की संगीत परंपरा और गंगा-जमुनी तहज़ीब की अनमोल धरोहर माने जाने वाले भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान भी चोरों के निशाने पर आने से न बच सके। उनकी बेशक़ीमती पांच शहनाइयां रविवार रात चोरी हो गईं। इनमें वह शहनाई भी शामिल है, जिसे उस्ताद खासतौर पर मोहर्रम की पांचवी और सातवीं तारीख पर आंसुओं का नजराना पेश करते थे।

चांदी की इन शहनाइयों के साथ-साथ उस्ताद बिस्मिल्लाह खां को तोहफे के रूप में मिली चांदी की कई तश्तरियां और लाखों रुपए के जेवरात भी चोर ले उड़े।

इस मामले की जानकारी उस्ताद के बेटे काजिम हुसैन ने रविवार की मध्यरात्रि चौक थाने पहुंचकर दी। ये बेशक़ीमती निशानियां काजिम हुसैन के घुंघरानी गली स्थित चहमामा मुहल्ले के मकान में रखी हुई थीं। इन निशानियों के गायब होने की गंभीरता को इसी बात से समझा जा सकता है कि जब इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने काजिम चौक थाने पहुंचे तो फूट-फूट कर रो पड़े।


Advertisement

मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए चौक इंस्पेक्टर देर रात पुलिस की एक टीम के साथ घुघरानी गली स्थित चाहमामा इलाके में उस्ताद के मकान पर पहुंचे और पड़ताल शुरू की। एसपी नितिन तिवारी के निर्देश पर मौके पर क्राइम ब्रांच और डागस्क्वायड भी पहुंच गई थी। मामले की जांच अभी भी चल रही है।

शहनाई के जादूगर उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के पुत्र काजिम ने हाल ही में दालमंडी स्थित चाहमामा मोहल्ले में नया मकान लिया था। इसी मकान में उस्ताद की धरोहर एक दीवान में रखी हुई थी। काजिम ने बताया कि वह पूरे परिवार के साथ 30 नवंबर को हड़हा सराय के पुराने मकान में गए थे। जब रात करीब नौ बजे लौटकर आए तो घर की कुंडी टूटी मिली। घर के अंदर सारा सामान बिखरा हुआ था और दीवान में रखी पांचों शहनाइयां नदारद थीं।

आपको बता दें इसके पूर्व भी 2009 व सितंबर 2014 में भी उस्ताद की शहनाई चोरी होने पर खूब हो हल्ला मचा था। उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के बेटे काजिम हुसैन ने बताया कि अब्बा की चार शहनाई चांदी की थी और एक खास शहनाई जो मोहर्रम के मौके पर निकलते थे, चोरों ने उस पर भी हाथ साफ कर लिया है।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement