इस पिस्तौल से भगत सिंह ने ली थी सैंडर्स की जान, 90 साल बाद आई दुनिया के सामने

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Updated on 16 Feb, 2017 at 2:14 pm

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देश की आजादी की लड़ाई में भगत सिंह के योगदान की गाथा किसी से अज्ञात नहीं है। शहीद भगत सिंह ने देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी दिलाने के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी। इस शूरवीर ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था। देश का यह योद्धा आजादी के महान और साहसी क्रांतिकारी के रूप में देखा जाता है। आजादी की जंग में निडर होकर भगत सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत में खलबली मचा दी थी।

Bhagat singh

अब 90 साल बाद शहीद भगत सिंह की वो पिस्तौल सामने आई है, जिससे उन्होंने ब्रि‍टिश एएसपी ऑफिसर जॉन सैंडर्स को 17 दिसंबर 1928 के दिन गोली मारी थी।


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साइमन कमीशन की खिलाफत करते हुए लाठीचार्ज में घायल होकर लाला लाजपत राय ने दम तोड़ दिया था। लाला जी की मौत का बदला लेने के लिए भगत सिंह और राजगुरू ने सांडर्स को मौत के घाट उतार दिया था।

भगत सिंह की .32 mm की पिस्तौल को प्रदर्शनी के लिए कोल्ट ऑटोमैटिक गन इंदौर स्थित सीएसडब्ल्यूटी सीमा सुरक्षा बल के रेओटी फायरिंग रेंज में लगाया गया है। बड़ी संख्या में लोग इस पिस्तौल को देखने के लिए पहुंच रहे हैं।

pistol

ये है वो पिस्तौल जिससे भगत सिंह ने ब्रि‍टिश ऑफिसर जॉन सैंडर्स को गोली मारी थी। dailypostpunjabi.

इस पिस्तौल को डिसप्ले करने की जिम्मेदारी उठाने वाले सीएसडब्ल्यूटी संग्रहालय के संगरक्षक, असिस्टेंट कमांडेंट विजेंद्र सिंह का कहना है कि भगत सिंह की गन को डिसप्ले में लगाने को लेकर वह बहुत उत्साहित थे। जब उन्होंने गन के सीरियल नंबर को रिकॉर्ड्स के साथ मैच किया तो दोनों ही समान निकले।

सीएसडब्ल्यूटी म्यूजियम इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं को अपने में समेटे हुए है। यहां पर रखे कई हथियार इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़े है। इस म्यूजियम में दूसरे विश्वयुद्ध से आज के दौर तक के विशेष हथियारों को जगह दी गई है।

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