भारतीय सेना के मेजर पर बेंगलुरू में हमला, ‘उत्तर भारतीय’ होने की वजह से मारा ताना

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Updated on 31 Jul, 2016 at 7:28 pm

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भारतीय सेना में तैनात 33 वर्षीय मेजर पर बेंगलुरु में अज्ञात लोगों के एक समूह ने ‘उत्तर भारतीय’ होने की वजह से हमला कर दिया। इस रिपोर्ट के अनुसार, एक ऑटो चालक सड़क पर लगे ट्रैफिक जाम से गुस्से में आ गया। उसने वहां खड़े मेजर को यह कहकर कोसना शुरू कर दिया कि उन्हें गाड़ी चलाना नहीं आता।

इसके बाद ऑटो चालक और चार अन्य लोगों ने मेजर को उनकी गाड़ी से बाहर निकाल कर बुरी तरह से उनकी पिटाई की। यह घटना प्रौद्योगिकी संस्थान SCT के पास हुई।

वारदात के समय वहां मौजूद चश्मदीद गवाह मुरली कार्तिक के अनुसार, ऑटो चालक बिना किसी उकसावे के सेना के अधिकारी पर हमला करने के लिए चल दिया।

Indian army officer beaten

मेजर जो अपनी पहचान सार्वजनिक तौर पर जाहिर नहीं करना चाहते, 2014 से कर्नाटक में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे है, लेकिन कन्नड़ भाषा की जानकारी उन्हें कम है।

मुख्य सड़क पर उनसे मारपीट की गई। उन्हें बुरी तरह से लहुलुहान कर दिया गया। बाद में कहीं जाकर भीड़ में से कार्तिक नाम के एक शख्स ने हिम्मत दिखाई और उनको बचाया। हमले में मेजर को उनके माथे पर चोट आई। उन्हें कार्तिक ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया।

मेजर ने 30 जुलाई को बैय्यप्पनहली पुलिस स्टेशन में धारा 324 के तहत शिकायत दर्ज कराई है।


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Police station



अपनी शिकायत में सेना के मेजर ने कहा कि उन पर एक ‘उत्तर भारतीय’ होने के कारण हमला किया गया।

कार्तिक के अनुसार, ‘मेजर निर्दोष थे और ऑटो चालक ने बिना किसी कारण के हाथापाई करना शुरू कर दिया था।’

आगे कार्तिक ने कहा:

“मेजर अपनी गाडी से भी बाहर नहीं आए थे और ऑटो चालक कौन सी भाषा में बात कर रहा है, वह उन्हें समझ में नहीं आ रहा था। तभी चार दूसरे लोग भी आ गए, जिनका घटना से कोई ताल्लुक ही नहीं था। सभी ने मेजर की गाड़ी को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। उसके बाद मेजर को गाडी से बाहर निकालकर बुरी तरह से उनकी पिटाई की गई।”


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मेजर के करीबी जो कि खुद एक आर्मी ऑफिसर है, का कहना है कि हमलावर मेजर की कार की नंबर प्लेट देख रोष में आ गए थे, जिस पर हरियाणा का रजिस्ट्रेशन नंबर था।

उन्होंने आगे कहा कि देश भर में सेना के अधिकारी इस तरह के हमलों के शिकार होते हैं। जैसा कि अधिकारियों के कार रजिस्ट्रेशन नंबर से पता चल जाता है कि वह उस जगह के मूल निवासी नहीं हैं।

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