बेंगलुरू में नए साल पर हैवानियत का सीसीटीवी वीडियो, जिसे देखकर इंसानियत भी रो पड़ेगी

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2:08 pm 4 Jan, 2017

“मैंने एक महिला को रोते हुए देखा, उसके शरीर पर खरोंच के निशान थे, उनसे खून निकल रहा था। यह वाकई एक दिल दहला देने वाली रात थी। भीड़ महिलाओं के बाल पकड़कर खींच रही रही थी और उनके कपड़े फाड़ रही थी।”

प्रत्यक्षदर्शी सदमे में है। वह रात जश्न की नहीं थी, बल्कि हैवानियत के नाच की थी। मौका था बेंगलुरू की प्रसिद्ध एमजी रोड पर नए साल के जलसे का, जहां जश्न के नाम में आधी रात को जो अमानवीयता का नंगा नाच देखने को मिला, वो बेहद दिल दुखाने वाला है।

कर्नाटक का दिल कहे जानी वाली राजधानी बेंगलुरू में इस हैवानियत की रात के गवाह रहे प्रत्यक्षदर्शीयों ने बताया कि आधी रात में सड़क पर एकाएक भगदड़ का माहौल बन गया। लड़कियां इधर-उधर भागते हुए मदद के लिए चिल्ला रही थीं और रो रही थीं। उन पत्यक्षदर्शी महिलाओं के चेहरे पर उस भयावह रात का डर साफ देखा जा सकता है। लेकिन ख़ौफ़ का मंज़र उससे भी कहीं ज़्यादा था। भीड़ हैवानियत पर उतर आई थ। लोग लड़कियों, महिलाओं को छू रहे थे। नोच रहे थे और उन्हें इस छेड़खानी से बचाने वाला कोई नहीं था।

अचरज होता है जब इस मुद्दे पर कर्नाटक के गृहमंत्री डॉ. जी परमेश्वरा बेहूदा बयान देते हैं कि “ऐसी घटनाएं होती हैं।” मैं कहता हूं ऐसी घटनाएं कदापि नहीं होनी चाहिए और न ही इसे बर्दाश्त किया जा सकता है। हम आप जैसे चहरे जब किसी भीड़ का हिस्सा बनते हैं, तो उस भीड़ की बेहूदगी में रंगकर मानवता और इंसानियत को चोट हर्गिज नहीं पहुंचा सकते।

इस बीच, छेड़छाड़ की घटना के तीन दिन बाद बेंगलुरू पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। कार्रवाई भविष्य की बात है। सवाल यह है कि उस ख़ौफ़ का क्या करेंगी वे महिलाएं जिन्होंने उस भीड़ को हैवानियत के शक्ल में उस रात सहम कर गुज़ारा था। ऐसे में इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें दो हुड़दंगी एक लड़की से बेहूदगी कर मानवता को शर्मसार कर रहे हैं।

नीचे देखिए वीडियो और सवाल ज़हन में दोहराईएगा कि इंसान बने रहना क्या वाकई इतना मुश्किल हो गया है?

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