बेंगलुरू से सोलर ऑटो चलाकर लंदन पहुंच गया यह इन्जीनियर, जानिए क्यों

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Updated on 14 Sep, 2016 at 5:58 pm

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बेंगलुरू के इन्जीनियर नवीन रबेल्ली सोलर ऑटो लेकर यहां से लंदन पहुंच गए।

सौर ऊर्जा से चलने वाले इस ऑटो रिक्शा से उन्होंने अब तक 10 हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की है। उनकी यात्रा का उद्देश्य एशियाई और यूरोपीय देशों में अक्षय ऊर्जा के इस्तेमाल वाले वाहनों के इस्तेमाल के प्रति जागरूकता फैलाना है।

दुनिया के दूसरे हिस्सों में अॉटो रिक्शा को टुक टुक के नाम से जाना जाता है। नवीन ने अपने इस सोलर टुक टुक का नाम रखा है तेजस।

8 घंटे की रीचारर्जिंग से यह टुकटुक करीब 50 मील की दूरी तय कर सकती है।

नवीन रबेल्ली पहले इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी महिन्द्रा की रेवा यूनिट से जुड़े हुए थे। लंदन की यात्रा पर निकलने से पहले रबेल्ली ने दो साल तक तैयारी की थी।


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वह बेंगलुरू से मुंबई आए। नवीन अरब सागर को एक नाव में पार कर ईरान पहुंचे। तुर्की होते हुए बुल्गारिया पहुंचे और वहां से यूरोप होते हुए लंदन।

रबेल्ली सोमवार को ब्रिटेन पहुंचे। यह अवधि उनके तय समय से पांच दिन अधिक रही।

दरअसल, पिछले हफ्ते सफर के दौरान फ्रांस में शौचालय जाते उनका पासपोर्ट और बटुआ चोरी हो गया।

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