अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर हिन्दू धर्म पर लिखी आपत्तिजनक कविता

author image
1:25 pm 22 Mar, 2017

Advertisement

हाल के दिनों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगातार बहस होती रही है। बहस के दायरे में है अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा, साथ ही इससे जुड़ी जिम्मेदारी। बांग्ला भाषा के जाने-माने कवि श्रीजातो बंद्योपाध्याय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर विवादों में हैं।

श्रीजातो ने अपने फेसबुक पेज पर एक कविता लिखी है, जिसमें उन्होंने हिन्दू धर्म के प्रतीक चिह्न त्रिशूल को कंडोम पहनाने की सिफारिश की है। साथ ही इस कविता के माध्यम से उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा है।

 


Advertisement

इस कविता पर संज्ञान लेते हुए सिलीगुड़ी में अरनब सरकार नामक एक व्यक्ति ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में फेसबुक पोस्ट के माध्यम से हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है। श्रीजातो ने यह कविता उसी दिन पोस्ट की थी, जिस दिन योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

अरनब सरकार पश्चिम बंगाल में सक्रिय संगठन हिन्दू संहति का सदस्य बताया जाता है।

इस बीच, हिन्दू संहति के उपाध्यक्ष देवदत्त मांझी ने टॉपयाप्स से बातचीत में कहाः

“कविता में अशिष्ट शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। इससे हिन्दुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। कविता की आखिरी पंक्ति को लेकर कडी आपत्ति है, जहां पर त्रिशूल और योगी आदित्यनाथ को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है।”

देवदत्त मांझी ने कहा कि अगर श्रीजातो बंद्योपाध्याय की गिरफ्तारी नहीं होती है तो संगठन इस मामले को लेकर न्यायालय जाएगा और आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगा।

वहीं, दूसरी तरफ श्रीजातो बंद्योपाध्याय कविता पर उठे विवाद पर कुछ अलग ही राय रखते हैं। उनका कहना है कि भारत अपने लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की आजादी के लिए जाना जाता है, लेकिन यह दायरा तेजी से संकुचित हो रहा है।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement