जब ब्रिटिश हुकूमत के दौरान भूख से मर गए थे लाखों लोग, तस्वीरें देख रूह कांप जाएगी

9:00 am 3 Aug, 2018

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‘अकाल’ आज की पीढ़ी को शायद इस शब्द का मतलब भी नहीं पता होगा, ये कितनी भयानक चीज़ होती है अगर जानना चाहते हैं तो एक बार इंटरनेट खंगाल लीजिए। अकाल की भयानक तस्वीरे देखकर आपकी रूह कांप उठेगी। ऐसा ही एक भयानक अकाल 1943 में आज़ादी के 4 साल पहले आया था, जिसने लाखों ज़िंदगियां लील ली थी।

 

भूख से मारे गए थे लाखों लोग

 

 

अकाल वैसे तो प्राकृतिक आपदा है, क्योंकि मौसम की मार की वजह से जब फसल खराब हो जाती हैं तो अकाल आता है। हालांकि, 1943 में आया अकाल प्राकृतिक नहीं था। ये ब्रिटिश सरकार की देन थी। जानकारों का मानना है कि उस वक़्त बंगाल में चावल की पैदावार अच्छी हुई थी, हालांकि तूफान से फसलों को नुकसान हुआ था, बावजूद इसके अनाज की कमी नहीं थी। ब्रिटिश हुकूमत ने भारत से अनाज अपने देश भिजवा दिया, जिससे संकट पैदा हो गया। इतना ही नहीं, ब्रिटिश हुकूमत ने भयावह स्थिति के बावजूद अमेरिका और कनाडा की मदद की पेशकश को ठुकरा दिया था।

 

 

उस वक्त आया अकाल इतना भयानक था कि शहर की सड़कों पर कंकालों के ढेर नज़र आते थे। कमजोर दिल वाले अगर ये नज़ारा देख लें तो यकीनन उन्हें हार्ट अटैक आ जाता।

 

 


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अकाल की वजह से करीब लाखों लोग भूख से तड़पकर मर गएं। उस समय विश्वयुद्ध भी चल रहा था ऐसे में और जापान के आक्रमण के डर से बंगाल में नावों और बैलगाड़ियों को जब्त किया जा रहा था। इस वजह से अनाजों की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ा गई।

 

 

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिकः”लोग कोलकाता, ढाका जैसे बड़े शहरों में खाने और रहने के लिए जगह की तलाश में पहुंचने लगे थे, लेकिन वहां न खाना था और न रहने की जगह। जगह थी तो बस कूड़ेदानों के पास, जहां लोग झूठे खाने के लिए कुत्ते-बिल्लियों से लड़ते थे।”

 

 

अकाल का ऐसा भयावह मंजर देख किसी की भी रूह कांप जाएगी। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, लोग सांप और घास तक खाने के लिए मजबूर हो गए थे। महिलाएं लाचारी में वेश्यावृत्ति करने लगी थीं।

 

 

अकाल कितना भयानक था इसे शब्दों में बयां कर पाना मुमकिन नहीं, तस्वीरें देखकर आपको खुद इसकी भयावहता का अंदाज़ा लग गया होगा।

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