अकेले सफर पर निकलने से आप जिन्दगी के बारे में कुछ ज्यादा ही सीखते हैं

Updated on 15 Jan, 2018 at 4:14 pm

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अपने बिज़ी शेड्यूल से थोड़ा वक्त निकालकर परिवार के साथ छुट्टियां तो मनानी ही चाहिए, लेकिन कभी-कभार सोलो ट्रैवलिंग यानी अकेले यात्रा का भी लुत्फ उठाना चाहिए। बिना किसी और की ज़िम्मेदारी के अकेले घूमने का मज़ा ही कुछ और ही हर किसी को अपनी ज़िंदगी में एक बार ज़रूर यह अनुभव लेना चाहिए। वैसे सिर्फ़ मज़ा ही नहीं, सोलो ट्रैवलिंग आपको बहुत सी बातें भी सिखाती हैं।

आज में जीना

आपने भी सुना होगा कई दार्शनिक और महापुरुष कहते हैं कि भविष्य की चिंता छोड़कर अपना वर्तमान जियो। अकेले सफर करने पर आप इस बात की अहमियत को अच्छी तरह समझ पाएंगे। जब आप खुद अपने आप के साथ वक़्त गुज़ारेंगे तो आपको पता चलेगा कि अपने आज को खुलकर जीना कितना ज़रूरी है।

अपनी सीमा जानेंगे

हर किसी की कुछ सीमा होती है, लेकिन इसका पता तो तभी चलेगा न जब आप ज़िंदगी में कुछ करेंगे। जब आप अकेले बाहर निकलेंगे तो आपको पता चलेगा कि आप कितने पानी में हैं और आपको क्या आता है और क्या नहीं। आप खुद को पहचान पाएंगे।


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मानसिक स्वास्थ्य को अहमियत

फिज़िकली फिट होने पर ये ज़रूरी नहीं है कि आप मेंटली भी फिट हैं। वैसे भी आजकल की तनावभरी ज़िंदगी में मेंटली फिट रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। अकेले सफर में जब आप नई-नई जगहों पर जाएंगे, ढेर सारे लोगों से मिलेंगे तो आपका तनाव तो कम होगा ही, हर चीज़ को देखने का नया नज़रिया भी मिलेगा।

नई जगहें मिलेंगी

दुनिया बहुत बड़ी है, लेकिन जब आप घर से निकलेंगे तभी तो इस दुनिया के अलग-अलग रंगों को जान पाएंगे। अकेले यात्रा पर निकलने पर आप नई-नई जगहों पर जाएंगे। चूंकि आपके साथ कोई और नहीं होता, इसलिए आप फ्री होकर चाहे जितना घूम सकते हैं। अकेले घूमने पर आपको अपने आपको अधिक जानने का मौक़ा मिलेगा, क्योंकि नई जगह पर आप सिर्फ खुद पर भरोसा कर सकते हैं।

नई चीज़ें सीखते हैं

नई लोगों से मिलने पर पता चलता है कि आप और क्या सीख सकते हैं। और कौन-कौन सी नई स्किल है जो आप सीख सकते हैं। किसी को पेंटिंग करते देख आपके मन में भी उसे ट्राई करने का ख्याल आएगा, इस तरह से आप कुछ नया सीखने के लिए प्रेरित होंगे। इसी तरह किसी को ढेर सारी भाषाएं बोलता देख आपके मन में भी नई भाषा सीखने की इच्छा जागृत होगी।

दूसरों की संस्कृति के बारे में जानकारी

आप अलग-अलग जगहों पर जाएंगे तो हर जगह के लोगों की भाषा, रहन-सहन और संस्कृति अलग होती है। यात्रा के दौरान आपको अन्य लोगों की संस्कृति को जानने समझने का मौक़ा मिलेगा। इसके साथ ही आप जितना ज़्यादा अकेले ट्रैवल करते हैं आपको अच्छे-बुरे कई तरह के अनुभव मिलते हैं और ये अनुभव आपको ज़िंदगी को बेहतर तरीके से जीने में मदद करते हैं।

निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है

जब आप अकेले होते हैं तो ज़ाहिर सी बात है कि सारे फैसले आपको खुद ही लेने होते हैं। अच्छे-बुरे सभी तरह के हालात का सामना अकेले ही करना होता है इससे आपकी निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है।

आत्मनिर्भर

कहां घूमने जाना, किस होटल में रुकना है, कहां खाना खाना है आदि बातों के लिए आपको दूसरों पर निर्भर नहीं होना है, क्योंकि इन चीज़ों में मदद के लिए फिलहाल आपके साथ आपके पापा नहीं हैं। सारे फैसले खुद ही लेने है, इससे आप आत्मनिर्भर बनेंगे।


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