कश्मीर के इस चर्च में 50 साल में पहली बार बजी घंटी

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Updated on 30 Aug, 2018 at 6:18 pm

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कश्मीर के एक चर्च में पिछले 50 साल में पहली बार घंटी बजी है। श्रीनगर स्थित इस 121 साल पुराने कैथोलिक चर्च में ‘घंटी बजाने’ की परंपरा निभाने के लिए मुस्लिम, हिंदू, सिख और इसाई समुदाय के प्रतिनिधि एकसाथ पहुंचे और सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल पेश की।

इस घंटी का वजन करीब 105 किलोग्राम है। इसे हाल में यहां लगाया गया है।

इस घंटी को वर्ष 1967 में मध्यपूर्व में चले युद्ध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। चर्च के अन्य हिस्सों में भी आगजनी की गई थी।

चर्च के प्रवक्ता एसएम रथ का कहना थाः

“वास्तविक घंटी सात जून 1967 को आगजनी में क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस घंटी को पहले नहीं लगाया जा सका, क्योंकि हमारे पास रिसोर्सेज की कमी थी। अब ठीक 50 वर्ष बाद 105 किलो की नई घंटी रविवार को लगाई गई। इस समारोह में हर किसी को आमंत्रित किया गया था।”

रथ का कहना है कि श्रीनगर में रहने वाले 30 ईसाई परिवारों ने इस घंटी के लिए सहयोग राशि प्रदान किए हैं।

टाइम्स ऑफ इन्डिया ने चर्च के पैस्टर रॉय मैथ्युज के हवाले से बताया है कि यह सर्वधर्म समभाव कार्यक्रम कश्मीर की मिश्रित संस्कृति को दर्शाता है।


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मैथ्युज कहते हैंः

“संदेश साफ है कि हम सभी एक हैं। हमारे धर्म भले ही अलग हों, लेकिन हम सभी इन्सान हैं। आज दुनियाभर में धर्म के नाम पर हिंसा हो रही है और यह संदेश जाना जरूरी है।”

कश्मीर में लगाता जारी हिंसा, प्रदर्शन के बीच चर्च की यह पहल सराहनीय है।

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