हिमालय की गोद में है खूबसूरत फूलों की घाटी

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Updated on 14 Dec, 2016 at 9:28 pm

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हिमालय की गोद में है फूलों की घाटी। उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में फैली इस घाटी को फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है। करीब 87.50 किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस उद्यान को वर्ष 1982 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित कर दिया गया था।

ऐतिहासिक महत्व

मान्यता है कि त्रेता युग में राम-रावण युद्ध में घायल लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी खोजते हुए हनुमान यहां तक आ गए थे। उन्हें संजीवनी बूटी यहीं के पहाड़ों पर मिली थी।

अंग्रेजों ने लगाया था पता


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कहा जाता है कि फूलों की इस खूबसूरत घाटी का पता सबसे पहले ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक एस स्मिथ और उनके साथी आर एल होल्डसवर्थ ने वर्ष 1931 में लगाया था। वह अपने कामेट पर्वत के अभियान से लौट रहे थे।

इस घाटी की खूबसूरती पर वे इस कदर मोहित हुए कि एक बार फिर 1937 में यहां लौटे। बाद में उन्होंने वर्ष 1938 में “वैली ऑफ फ्लॉवर्स” नामक एक पुस्तक का प्रकाशन किया। माना जाता है कि इस घाटी में अलग-अलग फूलों की 500 से अधिक प्रजातियां हैं।

नवम्बर से मई तक बिछी होती है बर्फ

नवम्बर से मई महीने तक इस घाटी पर पूरी तरह बर्फ की चादर बिछी होती है। साल के बाकी दिन यहां रंग-बिरंग खूबसूरत फूल खिले मिलते हैं।

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