बांग्लादेश में विवादास्पद कानून, लड़की की शादी की नहीं कोई उम्र सीमा!

author image
Updated on 10 Mar, 2017 at 6:56 pm

Advertisement

बांग्लादेश में शादी को लेकर जिस नए कानून को मंजूरी दी गई है, उससे दुनियाभर के देशों में बहस छिड़ गई है। बांग्लादेश सरकार ने घर वालों की इजाजत की शर्त पर 14 साल की लड़कियों की शादी को कानून मंजूरी दे दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कानून बांग्लादेश को लड़कियों के अधिकार और रक्षा के मामले में पीछे धकेल देगा।

बांग्लादेश की संसद ने जो ये कानून पारित किया है, उसके अंतर्गत सामान्य तौर पर पुरुषों के लिए शादी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़कियों की 18 वर्ष ही उम्र रखी गई है। लेकिन इसी कानून में लडक़ी के प्रेमी संग भाग जाने, दुष्कर्म या अवैध संबंधों के कारण संतान के जन्म लेने जैसी विशेष परिस्थितियों का हवाला देते हुए इसमें छूट दी गई है।

कई मानवाधिकार संगठन इस कानून के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठनों का कहना है कि इस कानून में विशेष परिस्थितियों के मामले में शादी की कोई न्यूनतम उम्र तय नहीं की गई है। इस तरह से यह कानून बांग्लादेश को कई दशकों पीछे की ओर लाकर खड़ा कर देगा।


Advertisement

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि कानून में जिन विशेष परिस्थितियों का जिक्र किया गया है, उससे लड़कियों के खिलाफ जुर्म को और बढ़ावा मिलेगा।

इस कानून को लेकर जो सबसे बड़ा डर जताया जा रहा है, वो है कि कोई भी लड़की इससे यौन शोषण का शिकार हो सकती है। लड़की से शादी करने के लिए उसके साथ रेप की वारदात को भी अंजाम दिया जा सकता है। इस कानून से बलात्कार जैसी प्रवृत्तियों को बल मिलेगा। ऐसे में जिस व्यक्ति ने दुष्कर्म किया है, उसी के साथ उस लड़की की शादी करवाना लडक़ी को आजीवन सजा देने जैसा होगा।

विवाह अभिभावक की मर्जी से हो या लडक़ी की इच्छा से, 14 साल की उम्र में शादी करना शारीरिक और मानसिक दोनों ही तौर पर सही नहीं है।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement