अब केले के पत्ते से होगा कैंसर का इलाज, यह हम नहीं BHU की रिसर्च कह रही है

5:54 pm 22 May, 2018

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कैंसर एक बहुत ही घातक बीमारी है, जो जानलेवा हो सकती है। इसकी चपेट में आने के बाद मरीज मौत के खौफ में जीता है। दुनियाभर में कैंसर के कारण प्रतिवर्ष लाखों लोग मौत को गले लगा लेते हैं। समय रहते इस बीमारी का पता न लगने के कारण आए दिन कैंसर से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।

 

 

हाल ही में कैंसर को लेकर कई चौकाने वाले आंकड़े सामने आए है, जिसके मुताबिक भारत में हर साल कैंसर से मरने वाले लोगों की संख्या 10 लाख को पार कर गई है। इतना ही नहीं, एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2030 तक ये बीमारी दुनियाभर की 55 लाख महिलाओं को अपना शिकार बना लेगी।

 

 

वैसे तो दुनियाभर में कैंसर के इलाज के लिए कई तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं, जिसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन शामिल है, लेकिन इन ट्रीटमेंट्स से मरीज के शरीर पर कई प्रकार के साइड इफेक्ट भी होते है, जिनसे मरीजों को उम्र भर जूझना पड़ता है।

वहीं, भारत में अब कैंसर के लिए एक ऐसे इलाज की खोज की गई है जिसका मरीज के शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा। खास बात ये है कि इस रिसर्च में केले के पत्ते कैंसर के इलाज में उपयोगी साबित हुए है।  इस रिसर्च को BHU के डिपार्टमेंटल ऑफ मोलेक्यूलर एंड ह्यूमन जेनेटिक्स की डॉ. गीता राय के नेतृत्व में पूरा किया गया है। रिसर्च में सामने आया है कि इस नए तरीके से कैंसर सेल्स को खत्म कर मरीज की जान बचाई जा सकती है।


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डॉ. गीता राय ने केले के पत्ते और सिल्वर नाइट्रेड से ऐसे नैनो पार्टिकल तैयार किए है, जिससे कैंसर को 40 प्रतिशत तक खत्म किया जा सकता है। इस प्रयोग के दौरान नैनो पार्टिकल को तैयार करने के बाद तीन चरण में रिसर्च की गई।

सबसे पहले इन नैनो पार्टिकल्स को कैंसर सेल्स में छोड़ा गया। इस प्रयोग में नैनो पार्टिकल्स ने 24 से 48 घंटे में 40 प्रतिशत कैंसर सेल्स को खत्म कर दिया। इसके बाद नैनो पार्टिकल को नॉर्मल सेल्स पर डाला गया। इसमें यह सामने आया कि ये पार्टिकल नॉर्मल सेल्स को कोई नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं।

 

 

डॉ. गीता के अनुसार इन नैनो पार्टिकल्स का मरीज की बॉडी पर किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नही देखा गया है।

कैंसर सेल लाइन और कैंसर ट्यूमर पर की गई इस रिसर्ज का रिजल्ट काफी अच्छा रहा है। उनके मुताबिक आने वाले दिनों में ये रिसर्च कैंसर के रोकथाम के लिए दवाइयां बनाने में काम आएंगी।

 

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