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बाबा रामदेव की जीवनी पर प्रतिबंध, आखिर ऐसा क्या है इस किताब में?

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6:46 pm 12 Aug, 2017

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योग गुरु बाबा रामदेव के जीवन पर लिखी गई किताब ‘गॉडमैन टु टाइकून: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ बाबा रामदेव’ की बिक्री एवं प्रकाशन पर दिल्ली की एक अदालत ने रोक लगा दी है।

दरअसल, बाबा रामदेव ने ही खुद पर लिखी किताब पर रोक लगवाने के लिए अदालत में गुहार लगाई थी। आरोप है कि इस किताब में बाबा रामदेव के जीवन को गलत तरीके से  पेश किया गया है, जो उनकी छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।

हालांकि, कोर्ट के किताब पर रोक लगाने के आदेश से किताब कि लेखिका हैरान हैं। आपको बता दें कि इस किताब को मुंबई की पत्रकार प्रियंका पाठक नारायण ने लिखा है।

अखबार मुंबई मिरर से बातचीत में लेखिका ने बताया कि उन्हें इस तरह किताब पर रोक लगने कि उम्मीद नहीं थी क्योंकि पहले भी कई किताबें बाबा रामदेव पर लिखी गईं हैं।

लेखिका के मुताबिक, किताब लिखने के दौरान उन्होंने बाब रामदेव और उनके सहयोही बालकृष्ण से मुलाकात की थी। बाबा रामदेव को यह बात मालूम भी थी वह उन पर किताब लिख रहीं।

किताब में बाबा रामदेव के हरियाणा में पैदा होेने से लेकर पंतजलि को एक आयुर्वेदिक कंपनी के रूप में शुरू कर, इसे बुलंदियों तक पहुंचाने की कहानी है। साथ ही किताब में बाबा के सहयोगी बालकृष्ण और अन्य लोगों की भूमिका का भी विस्तार से वर्णन किया गया है।


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उधर, किताब के पब्लिशर जगरनॉट बुक्स पब्लिकेशन का कहना है कि अदालत ने  पब्लिशर या लेखक का पक्ष सुने बिना ही बाबा रामदेव के जीवन पर लिखी गई किताब पर रोक लगा दी। पब्लिशर का कहना है कि उन्हें यह आदेश 10 अगस्त 2017 को प्राप्त हुआ है और वह इस आदेश के खिलाफ जल्द ही अदालत में अपील करेंगे।

बाबा रामदेव के इस कदम की काफी आलोचना की जा रही है। सोशल मीडिया में भी उनके के खिलाफ सैकड़ों ट्वीट्स किए गए हैं।कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पब्लिशर के समर्थन में ट्वीट करते हुए लिखा कि हमें प्रेस की स्वतंत्रता को बचाने की जरूरत है।

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