काल्पनिक नहीं बल्कि असल है बाहुबली का किरदार, इतिहास में है विवरण

12:40 pm 18 Aug, 2018

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फिल्म बाहुबली की सफलता ने भारतीय सिनेमा में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। दर्शकों ने फिल्म के दोनों ही हिस्सों को काफी पसंद किया। हालांकि, बहुत से लोगों ने बाहुबली देखने के बाद इसकी कथा को काल्पनिक बताया। फिल्म की कहानी काल्पनिक हो सकती है, लेकिन इसमें दिखाए गए किरदार पूरी तरह काल्पनिक नहीं है। इतिहास पर नजर डालें तो बाहुबली फिल्म में जिस माहिष्‍मती साम्राज्‍य का जिक्र हुआ है, उस पर हैहय वंश के क्षेत्रियों का राज हुआ करता था।

 

 


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फिल्म में जिस माहिष्‍मती रियासत को दिखाया गया है वो अमरेंद्र बाहुबली की नहीं, बल्कि हैहय वंश के राजा सहस्त्रबाहु की थी। पौराणिक कथाओं में सहस्त्रबाहु को कार्तिवीर्य अर्जुन  के नाम से भी जाना जाता था, जिनकी राजधानी माहिष्‍मती हुआ करती थी। फिल्म बाहुबली में इसी पौराणिक पात्र को आधुनिक रूप से दर्शाया गया था।

 

 

पुराणों में इस बात का उल्लेख है कि  सहस्त्रबाहु बेहद बलवान थे और उन्होंने  अपनी भुजाओं से नर्मदा नदी का प्रवाह रोक दिया था। सहस्त्रबाहु को हजार भुजाओं का वरदान प्राप्त था। त्रेता युग में साहस्त्रबाहु और रावण का आमना- सामना भी हुआ था, जिसमें रावण को मुह की खानी पड़ी थी।

 

 

 

माना जाता है कि  त्रेता युग में जब रावण विश्वविजय अभियान पर था तो सभी राज्यों पर विजय प्राप्त कर वह माहिष्मती साम्राज्य तक जा पहुंचा। एक दिन रावण नर्मदा नदी के किनारे पूजा कर रहा था कि तभी सहस्त्रबाहु अपनी रानियों के साथ नर्मदा नदी के किनारे पहुंच गया। अपनी रानियों के कहने पर सहस्त्रबाहु ने अपनी हजार भुजाओं से नर्मदा नदी का प्रवाह रोक दिया।

अपनी पूजा में विघ्न पड़ता देख रावण क्रोधित हो उठा और उसने अपनी सेना को सहस्त्रबाहु से युद्ध करने के लिए भेज दिया। सहस्त्रबाहु और रावण की सेनाओं के बीच हुए इस युद्ध में रावण परास्त हो गया और उसे बंदी बना लिया गया।

 

 

वर्तमान में नर्मदा नदी के किनारे एक शिवलिंग पड़ा हुआ है, माना जाता है कि ये वही शिवलिंग है, जिसे रावण ने उस समय पूजा के लिए रखा था। बौद्ध साहित्य में भी माहिष्मती रियासत का उल्लेख है, जिसे तब जनपद का मुख्य नगर बताया जाता था। गुप्त काल में 5वीं शती तक माहिष्मती रियासत का बराबर उल्लेख मिलता है।

 

इतिहास में बाहुबली का वर्णन ( bollywood has been mentioned in history)

jagran


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