जलते अंगारों पर नवजात बच्चे को लिटाते हुए दिखाने वाली यह तस्वीर वायरल हो रही है

Updated on 2 Oct, 2017 at 12:58 pm

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कर्नाटक में धार्मिक रीति-रिवाज के नाम पर एक नवजात बच्चे को जलते हुए कोयले पर लिटाने का मामला सामने आया है। यह घटना हुबली जिले के धारवाड़ इलाके में हुई है। इस घटना को मोहर्रम का हिस्सा बताया जा रहा है।

बच्चे को केले के पत्ते में लपेट कर जलते हुए अंगारों पर लिटाते हुए दिखाने वाली यह तस्वीर वायरल हो रही है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना अल्लापुर की है। एक रिवाज के तहत बच्चे के पिता ने उसे केले के पत्ते में लपेटकर जलते कोयले पर लिटा दिया। अंगारों के बीच बच्चा तड़प रहा था. लोग तमाशा देख रहे थे। रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि बच्चे के माता-पिता ने दो साल पहले बेटा पैदा होने की मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने पर रिवाज के तहत उन लोगों ने ऐसा किया। इसके तहत सुलगते अंगारों का बिस्तर तैयार किया जाता है और बच्चे को कुछ देर के लिए उस पर लिटा दिया जाता है। इस दौरान इस बात का ख्याल रखा जाता है कि आग धीमी हो।


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इस संबंध में अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। लेकिन चाइल्ड वेलफेयर कमिटी ने पुलिस से बच्चे के माता-पिता की काउंसलिंग कराने की मांग की है। हाल ही में कर्नाटक मंत्रिमंडल ने अंधविश्वास विरोधी बिल 2017 को मंजूरी दी है. इसके तुरंत बाद ये मामला सामने आया है।

क्या है अंधविश्वास विरोधी बिल

अंधविश्वास विरोधी बिल में काला जादू और ऐसी मान्यताओं पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के प्रावधान किए गए हैं। रिवाज के दौरान अगर किसी की मौत हो जाती है तो संबंधित व्यक्ति के लिए मौत की सजा का भी प्रावधान है।

मोहर्रम के अवसर पर इस तरह अंधविश्वास का यह पहला मामला नहीं है। महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ गावों में नवजात बच्चों को 15 मीटर ऊंचाई से नीचे फेंकने की परंपरा है।

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