बाबरी मस्जिद मामले के पैरोकार हाशिम अंसारी का निधन, अयोध्या में ली अंतिम सांस

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Updated on 20 Jul, 2016 at 2:22 pm

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अयोध्या के विवादित बाबरी मस्जिद मामले के अदालत में पैरोकार हाशिम अंसारी का 95 की उम्र में हृदय संबंधी बीमारियों के चलते निधन हो गया। उनके बेटे इक़बाल ने बताया कि अंसारी ने फैजाबाद में अपने घर में आज तड़के सुबह 5.30 बजे अंतिम सांस ली। इस साल के फरवरी से ही हाशिम अंसारी की तबीयत खराब चल रही थी। उनका अंतिम संस्कार आज शाम अयोध्या में होगा।

अंसारी दिसंबर 1949 से बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े थे। 95 साल के हाशिम अंसारी बीते 60 सालों से इस केस की पैरवी कर रहे थे। उन्होंने 1949 में पहली बार इस मामले में मुकदमा दर्ज करवाया था।

Hamid Ansari

 

बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि मुद्दे के हल के लिए वह लगातार प्रयास करते रहे।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने साल 2010 में इस मुकदमे में एकमत से फैसला सुनाया था। अदालत ने अयोध्या में विवादित स्थल का एक तिहाई हिस्सा निर्मोही अखाड़े को आवंटित कर दिया था। बाकी का दो तिहाई हिस्सा वक्फ बोर्ड और रामलला का प्रतिनिधित्व करने वाले पक्ष के बीच बराबर बांट दिया गया था। हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी वे समझौते का दौर चलाते रहे। उन्होंने विवाद को खत्म कर नई शुरुआत करने अपील की।



Hamid Ansari

वह इस मसले को अदालत के बाहर हल करना चाहते थे। अंसारी ने अयोध्या में मंदिर और मस्जिद अगल-बगल बनाने की पेशकश की थी। उनकी ख्वाहिश थी कि सरकारी क़ब्ज़े वाली 67 एकड़ जमीन पर मंदिर और मस्जिद दोनों बन जाएं और उनके बीच एक 100 फ़ीट ऊंची दीवार बना दी जाए। यही कारण है कि‍ कुछ लोग इन्‍हें अयोध्या का गांधी भी कहते हैं।

Hamid Ansari


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अंसारी अपने दिए गए कई साक्षात्कारों में कहते आए हैं कि उन्हें अब मौत का इंतजार है। और वह चाहते हैं कि उनके जीवित रहते राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद के मुद्दे का कोई फैसला हो जाए।

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