जब पहली बार देश में फहरा तिरंगा हमारा

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3:48 pm 19 Mar, 2016

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नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा भारत की आजादी के उद्देश्य से बनाए गए आजाद हिन्द फौज के क्रान्तिकारियों ने देश में पहली बार 19 मार्च, 1944 को राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।

आज़ाद हिन्द फ़ौज के अहम सदस्यों में से एक कर्नल शौकत मलिक ने अपने कुछ साथियों के सहयोग से मोइरंग में पूरी शान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।

देश को अंग्रेज़ों की गुलामी से आज़ाद करने का प्रण लेते हुए आज़ाद हिन्द फ़ौज का गठन जापानियों के प्रभाव और मदद से सिंगापुर में किया गया था।

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के नेतृत्व वाली इस फौज में 85 हजार से अधिक सैनिक शामिल थे।

आज़ाद हिन्द फ़ौज में कैप्टन लक्ष्मी स्वामीनाथन की अगुवाई वाली प्रशिक्षित महिला इकाई भी शामिल थी।

“तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आज़ादी दूंगा। खून भी एक-दो बूंद नहीं, इतना कि खून का एक महासागर तैयार हो जाए और मैं उसमें ब्रिटिश साम्राज्य को डूबो दूं।” ये शब्द थे आज़ाद हिन्द फ़ौज के संस्थापक नेताजी सुभाषचंद्र बोस के।

वर्ष 1944 में आज़ाद हिन्द फौज ने अंग्रेज़ों के खिलाफ युद्ध छेड़ा, जिसमें पलेल, कोहिमा कई आदि भारतीय प्रदेशों को अंग्रेज़ों के राज से आज़ाद करा लिया गया।

वर्तमान में भी आज़ाद हिन्द फ़ौज और इसके संस्थापक नेताजी भारतवासियों के दिलों पर राज करते हैं।


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