Topyaps Logo

Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo

Topyaps menu

Responsive image

कम उम्र में शिशुओं के आहार में इन खाद्य पदार्थों को न करें शामिल, वरना हो सकती है मुश्किल

Published on 5 July, 2018 at 5:21 pm By

कहते है अच्छा आहार ही जीवन का आधार है। यदि शिशुओं को कम उम्र से ही अच्छा आहार दिया जाए, तो वो हमेशा सेहतमंद बने रह सकते हैं। हालांकि, आजकल शहरों और महानगरों में लोगों ने अपने बच्चों की डाइट चार्ट में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल कर दिए हैं, जो दिखने में तो खाफी पौष्टिक और आकर्षक लगते हैं, लेकिन असल में इससे आपके शिशु की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में बच्चों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए  कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। हम आपको शिशु के आहार से जुड़ी कुछ ऐसी ही महत्वपूर्ण टिप्स दे रहे हैं।

फल या फलों का रस


Advertisement

अगर आप भी अपने शिशु को छोटी उम्र में फलों का जूस दे रहे हैं और ये सोच रहे है कि इससे आपके बच्चे को भरपूर पोषक तत्व प्राप्त होगा तो आप गलत हैं। शिशुओं को छोटी उम्र में फलों का जूस देना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। फलों के एक ग्लास जूस में 5-6 चम्मच चीनी होती है। इतनी अधिक चीनी शिशु के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए फलों के रस की बजाए शिशुओं को केवल फल ही देने चाहिए, इससे आपके बच्चे को भरपूर पोषक तत्व प्राप्त होगा।

 

दही

अगर आप बच्चों को दही दे रहे हैं तो ये सुनिश्चित करें कि दही में किस तरह के इंग्रीडिएंट्स डाले गए है। साथ ही ये देखना भी जरूरी है कि दही को फ्रिज में रखा गया हो। यदी आप  किसी खुली जगह से दही लेते हैं तो वो आपके शिशु के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके अतिरिक्त बच्चों को केवल नेचुरल दही ही दें, उन्हें फ्लेवर्ड दही खाने की आदत न डालें।

 

अनाज

अाज कल विज्ञापनों में खाद्य पदार्थों को जितना आकर्षक और पोषक तत्वों से भरपूर दिखाया जाता है, असल में वो शिशुओं के लिए उतने फायदेमंद नही होते। फ्लेक्स और मुसेली जैसे कई अनाज में काफी शुगर होता है, जो आपके बच्चे की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इन प्रोडक्ट्स को बनाने के दौरान इनका सारा पोषण निकाल लिया जाता है, जिसके बाद इसमें केवल कार्बोहाइड्रेट्स रह जाते है। इस तरह के आहार को खाकर बच्चों को थोड़ी ही देर में भूख लग जाती है। इसलिए विकल्प के तौर पर आप बच्चों को सुबह के नाश्ते में दलिया दे सकते हैं।

 

शहद



2 साल से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए, इससे न सिर्फ बच्चे को किसी तरह की एलर्जी हो सकती है, बल्कि इससे उसको कई प्रकार के इंफेक्शन्स भी हो सकते है।

 

अंगूर की बजाए केले

बहुत छोटी अवस्था में बच्चों को अंगूर नहीं देने चाहिए, ये और बात है कि ये उनकी सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन शिशुओं के गले में अंगूर के फंसने का खतरा बना रहता है, इसके अलावा ये उनके पाचन तंत्र के लिए भी उपयुक्त नहीं होता।

 

मल्टीविटामिन्स

यदि आप शिशु को किसी भी प्रकार का मल्टीविटामिन या सप्लीमेंट दे रहे हैं, तो इस बात का खासतौर पर ध्यान रखें कि उन्हें मल्टीविटामिन किसी डॉक्टर की सलाह पर ही दें। वैसे ज्यादातर शिशुओं को मल्टीविटामिन की बजाए अच्छा आहार ही देना चाहिए।

 


Advertisement

 

Advertisement

नई कहानियां

Sapna Choudhary Songs: सपना चौधरी के ये गाने किसी को भी थिरकने पर मजबूर कर दें!

Sapna Choudhary Songs: सपना चौधरी के ये गाने किसी को भी थिरकने पर मजबूर कर दें!


जानिए कैसे डाउनलोड करें YouTube वीडियो, ये है आसान तरीका

जानिए कैसे डाउनलोड करें YouTube वीडियो, ये है आसान तरीका


प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा होगा ख़ुद के घर का सपना, जानिए इससे जुड़ी अहम बातें

प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा होगा ख़ुद के घर का सपना, जानिए इससे जुड़ी अहम बातें


ब्रह्माजी को क्यों नहीं पूजा जाता है? एक गलती की सज़ा वो आज तक भुगत रहे हैं

ब्रह्माजी को क्यों नहीं पूजा जाता है? एक गलती की सज़ा वो आज तक भुगत रहे हैं


Hindi Comedy Movies: बॉलीवुड की ये सदाबहार कॉमेडी फ़िल्में, आज भी लोगों को गुदगुदाने का माद्दा रखती हैं

Hindi Comedy Movies: बॉलीवुड की ये सदाबहार कॉमेडी फ़िल्में, आज भी लोगों को गुदगुदाने का माद्दा रखती हैं


Advertisement

ज़्यादा खोजी गई

टॉप पोस्ट

और पढ़ें Food

नेट पर पॉप्युलर