ऑटोरिक्शा चालकों ने किया बड़ा ऐलान, अब ‘देशद्रोहियों’ को ऑटो में नहीं बिठाएंगे

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Updated on 3 Mar, 2017 at 10:10 pm

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पिछले कुछ दिनों से दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में जो कुछ भी घटित हुआ, उसने लोगों में डर का माहौल है। इससे छात्रों को तो दिक्कत हो ही रही है, साथ ही ऑटो चालकों की आमदनी भी प्रभवित हुई है। अब इस लड़ाई में अब ऑटो चालक भी कूद पड़े हैं।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के एक ऑटोरिक्शा यूनियन ने घोषणा की है कि उनके संघ से जुड़े सभी ऑटो रिक्शा चालक अब से राष्ट्रविरोधियों को अपने-अपने ऑटो में नहीं बिठाएंगे।

ऑटो रिक्शा संघ के जनरल सेक्रेट्री राजेंद्र सोनी ने कहा कि यह फैसला कुछ दिनों में जो भी डर का माहौल बनाया गया है, उसके चलते लिया गया है।

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सोनी ने कहा कि आए दिनों में जो भी घटनाएं हुई हैं उसका कई ऑटोरिक्शा चालकों की रोजी-रोटी पर बुरा प्रभाव पड़ा है।


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उन्होंने कहाः

“इन घटनाओं के बाद अब ऑटो चालक दिल्ली विश्वविद्यालय जाने से डर रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर वहां कोई संघर्ष या झड़प हुई तो उन्हें निशाना बनाया जा सकता है।”



सोनी कहते हैं कि वो पिछले 35 सालों से दिल्ली में रह रहे है। उन्होंने कभी ऐसा माहौल नहीं देखा, जिसमें लोग भारत विरोधी नारे लगा रहे हों। उन्होंने कहा कि सबसे पहले ऐसे लोगों ने JNU का माहौल खराब किया अब ये लोग डीयू तक पहुंच गए हैं।

सोनी आगे कहते हैंः

 “पुलिस को इन देशद्रोहियों को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए ताकि इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।”

अब सवाल उठता है कि ऑटो चालक ये कैसे पता लगाएंगे कि कौन राष्ट्रविरोधी है और कौन नहीं। इस पर सोनी जवाब देते हैं कि जब तक डीयू में इस तरह का माहौल रहेगा, ऑटो चालक डीयू नहीं जाएंगे। अगर ऑटो चालक को लगता है कि कोई यात्री राष्ट्रविरोधी बातें कर रहा है तो वह तुरंत उसे उतरने को कह देंगे।


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