क्या आप जानते हैं 1667 में औरंगज़ेब ने पहली बार लगाया था पटाखों पर बैन?

4:01 pm 7 Nov, 2018

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प्रदूषण एक बड़ी समस्या बनती जा रही है और ऐसे में हमें चौकस रहने की ज़रुरत है। लेकिन आम लोग इस पर कोई खास ध्यान नहीं देते और जाने-अनजाने आबोहवा को नुकसान पहुंचाते हैं। दिल्ली-एनसीआर का वातावरण तो खासकर सर्दियों में प्रदूषण को लेकर सुर्ख़ियों में रहता है। वहीं पटाखे को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से सोशल मीडिया पर भी उबाल देखा जा रहा है।

 

प्रदूषण को देखते हुए कोर्ट ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में पटाखे जलाने पर रोक लगा दी।

 

indianexpress.com


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कोर्ट के निर्देश पर लोग तरह-तरह की बातें करते हैं लेकिन पटाखों पर बैन इतिहास में भी लगते रहे हैं। इसमें औरंगज़ेब का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसने आज से 350 साल पहले पटाखों पर बैन लगा रखा था। प्राप्त अभिलेख से पता चलता है इस मुगल शासक ने 8 अप्रैल 1667 को आतिशबाजी पर पाबंदी लगाने का ऐलान किया था। उसने शादियों व अन्य अवसर पर भी आतिशबाज़ी नहीं करने के निर्देश दे रखे थे।

 

राज्य अभिलेखागार के निदेशक डॉ. महेन्द्र खड़गावत बताते हैं-

 



“आतिशबाज़ी को लेकर औरंगज़ेब के आदेश अखबारात ए मुअला पर्सियन सीरीज के अभिलेख में दर्ज हैं। इसमें मुगल बादशाहों से जुड़ी अनेक घटनाओं का उल्लेख है। इससे औरंगज़ेब द्वारा आतिशबाज़ी पर बैन की जानकारी प्राप्त होती है।”

 

जानकारी हो महाराजा गंगा सिंह के शासनकाल में साल 1908 के दौरान भी पटाखे की तरह फटने वाले किसी भी ज्वलनशील पदार्थ पर रोक लगाने को एक्ट पास किया गया था। वहीं इस मामले में उम्रकैद से लेकर कालापानी तक की सजा तय की गई थी।

 

 

कुल मिलाकर हमें इस बात को ध्यान में रखनी चाहिए ये पाबंदियां हमारी सुरक्षा और सेहत के लिए ही हैं। पटाखों से वातावरण को नुकसान होता ही है, साथ में धन की बर्बादी भी होती है। वहीं पटाखों से दुर्घटना के आसार भी प्रबल होते हैं, इसलिए सूझबूझ रखें, सुरक्षित रहें।


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