कॉलेज के दिनों से ही रहा है अटल जी की आवाज का जादू, लग जाता था मेला

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1:47 pm 25 Dec, 2016

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भारतीय राजनीति में जिस एक राजनेता का कद सर्वोपर्रि उच्च स्थान पर रहा है तो वह हैं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी। समस्त देशवासियों के दिलों में अपनी एक खास छाप छोड़ने वाले अटल जी का लोहा उनकी विपक्षी पार्टियां भी मानती हैं।

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अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मनमोहन सिंह indiatimes

देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित अटल जी भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह तो है ही, साथ ही उनकी एक छवि उनके साहित्यिक पक्ष से भी जुड़ी है।

जब अटल जी कॉलेज में थे तब उनकी संरचनाओं को सुनने के लिए कॉलेज के  लड़के और लड़कियां दीवाने हुआ करते थे। अटल जी के कॉलेज के दोस्त उन कॉलेज के दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि अटल जी की कविताओं और आवाज के लोग दीवाने थे। जब भी मंच पर खड़े होकर अटल जी अपनी कविताएं सुनाने लगते, तो मानों मेला सा लग जाता था।

सर्वश्रेष्ठ समकालीन कवियों में से एक माने जाने वाले अटल जी ने कई कविताएं लिखीं हैं और समय-दर-समय उन्हें संसद और दूसरे मंचों से पढ़ा भी है। उनका कविता संग्रह ‘मेरी इक्वावन कविताएं’ उनके प्रशंसकों में खासा लोकप्रिय है।

सुनिए अटल जी की दमदार आवाज में उन्ही की एक कविता ‘गीत नया गाता हूँ:’

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